*तपस्या की मिसाल बनीं खिरकिया की जूही भंडारी, 11 उपवास का लिया पचखान*…. *दृढ़ मनोबल और आस्था के साथ जैन समाज में की तप आराधना, श्री संघ ने की अनुमोदना*

तपस्या की मिसाल बनीं खिरकिया की जूही भंडारी, 11 उपवास का लिया पचखान
दृढ़ मनोबल और आस्था के साथ जैन समाज में की तप आराधना, श्री संघ ने की अनुमोदना
रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया। आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी महाराज साहब की असीम कृपा से खिरकिया की तप आराधिका जूही भंडारी ने 11 उपवास का पचखान ग्रहण कर अपनी दृढ़ आस्था, साहस और मनोबल का परिचय दिया।
गुरुभक्त प्रमोदजी एवं श्रीमती आशाजी भंडारी की पुत्रवधू तथा राजा भंडारी की धर्म सहायिका, रूपेश-पायल भंडारी की भावीजी जूही भंडारी की इस कठिन तपस्या से जैन समाज में हर्ष और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण है।
जूही भंडारी की तपस्या की श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन श्री संघ के पदाधिकारियों एवं खिरकिया श्री संघ के सदस्यों ने अनुमोदना की तथा तप आराधिका की साता पूछकर उनके दृढ़ मनोबल की सराहना की।
इस अवसर पर समाजजनों ने तपस्वी जूही भंडारी की तप आराधना की बारंबार अनुमोदना करते हुए “जय-जयकार, तपस्वी की जय-जयकार” के जयघोष किए।




