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*खिरकिया में ऐतिहासिक गणगौर विदाई: लोक संस्कृति और मातृशक्ति का भव्य संगम* ……. *(देखे वीडियो)* ……….. …. *खिरकिया के ईरलावता परिवार में गणगौर विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब: खिरकिया बना लोक संस्कृति और आस्था का केंद्र*……… *खिरकिया में भव्य गणगौर विसर्जन: मातृशक्ति की आस्था और परंपरा का अद्भुत प्रदर्शन*……… *(देखे वीडियो)*…….. *ऐतिहासिक गणगौर विदाई यात्रा: खिरकिया में दिखा लोक संस्कृति का विराट रूप*…….. *(देखे वीडियो)*

खिरकिया में भक्ति का महासागर: ईरलावत परिवार का गणगौर महोत्सव भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न, उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया। नगर के खेड़ीपूरा क्षेत्र में ईरलावत परिवार द्वारा आयोजित गणगौर महोत्सव इस वर्ष भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अनुपम संगम बनकर उभरा। 12 अप्रैल से प्रारंभ होकर 23 अप्रैल तक चले इस पावन आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माता गणगौर की पूजा-अर्चना करते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा।

 

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 गणगौर महोत्सव के अंतिम चरण में 22 एवं 23 अप्रैल को गणगौर मैया की विदाई एवं विसर्जन यात्रा भव्य रूप से निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर सिर पर कलश एवं गणगौर की प्रतिमाएं धारण किए पूरे श्रद्धा भाव से शामिल हुईं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सहभागिता ने इस आयोजन को जन-जन का उत्सव बना दिया, जहां हर चेहरे पर आस्था और उल्लास झलक रहा था।

 

 

 आयोजन के दौरान नियमित रूप से पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। ईरलावत परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल भोजन प्रसादी भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सेवा, समर्पण और अतिथि सत्कार की भावना ने सभी का मन मोह लिया।

वरिष्ठ समाजसेवी संग्राम सिंह ईरलावत ने कहा कि गणगौर महोत्सव हमारी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश जाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए माता गणगौर से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा क्षेत्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो।

वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद श्रीमती वंदना मलखान सिंह ईरलावता ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणगौर पर्व विशेष रूप से मातृशक्ति की आस्था, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। इस महोत्सव में महिलाओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इसे और भी भव्य बना दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। साथ ही उन्होंने माता गणगौर से समस्त नगरवासियों के लिए सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उन्नति की कामना की।

खेड़ीपूरा में आयोजित यह गणगौर महोत्सव न केवल खिरकिया, बल्कि हरदा और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन गया। मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति, जनसामान्य की उत्साहपूर्ण भागीदारी और ईरलावत परिवार की सेवा भावना ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह महोत्सव सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर लंबे समय तक लोगों के मन में अपनी छाप छोड़ गया।

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