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*खिरकिया में सड़कों पर ‘ओपन अहाताबार’! शराबियों के उत्पात से त्रस्त नागरिक, प्रशासन बेखबर*

*खिरकिया में सड़कों पर ओपन अहाताबार शराबियों के उत्पात से त्रस्त नागरिक, प्रशासन बेखबर*….

रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया। शासन द्वारा अहाताबार बंद करने के पीछे मंशा यह थी कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और उससे होने वाले उत्पात पर रोक लगे, लेकिन नगर में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। पुलिस, आबकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते अब सड़कों ने ही ‘ओपन अहाताबार’ का रूप ले लिया है।

नगर में खुलेआम जहां मन चाहा, वहीं खड़े होकर शराब पी जा रही है। कोई नागरिक आपत्ति करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आमजन अब खुद को असुरक्षित और परेशान महसूस कर रहे हैं।

अस्पताल के सामने ही बन गया शराब का अड्डा

बस स्टैंड रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास संचालित अंग्रेजी शराब दुकान के आसपास का क्षेत्र शराबियों का स्थायी ठिकाना बन गया है। अस्पताल के गेट के सामने, दुकानों के ओटलों पर और यहां तक कि परिसर के भीतर भी शराब सेवन किया जा रहा है।

शाम होते ही यहां का नजारा किसी अहाताबार जैसा बन जाता है। शराबियों द्वारा गाली गलौज, झगड़े, और अशोभनीय हरकतें आम बात हो गई हैं, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गंदगी और अव्यवस्था से बढ़ी समस्या

शराब पीने के बाद लोग वहीं उल्टियां कर देते हैं, खाली बोतलें और डिस्पोजल सड़कों पर फेंक देते हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। कई बार बोतलें फोड़ दी जाती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। आसपास के दुकानदार और वार्डवासी इस स्थिति से बेहद परेशान हैं।

यात्रियों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी

यह मार्ग बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाला प्रमुख रास्ता है, ऐसे में यहां से गुजरने वाले यात्रियों को भी शराबियों के उत्पात का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत के बाद भी नहीं ठोस कार्रवाई

स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस केवल मौके पर पहुंचकर समझाइश देकर लौट जाती है। कुछ दिन स्थिति सामान्य रहती है, फिर वही हालात बन जाते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का रोजाना आना-जाना होता है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। खुले में शराब सेवन पर प्रतिबंध होने के बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

जिम्मेदारी तय हो तभी बदले हालात

नगर में अवैध अतिक्रमण कर संचालित हो रही खाद्य दुकानों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है, जहां शराब पिलाई जा रही है। यदि पुलिस, प्रशासन और नगर परिषद अपनी जिम्मेदारी समझें और सख्ती से कार्रवाई करें, तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है।

फिलहाल, खिरकिया के नागरिकों की मांग साफ है सड़कों से ‘ओपन अहाताबार’ खत्म हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

 

 

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