*बैतूल के जंगल ढेकना में साध्वियों का अदभुद मिलन*… *श्रद्धालु हुए भावविभोर विहार सेवा का मिला अनमोल अवसर*


बैतूल के जंगल में साध्वी संघ का अद्भुत मिलन, श्रद्धालु हुए भावविभोर विहार सेवा का मिला अनमोल अवसर
रिपोर्ट: यश पांडे

खिरकिया। जिनशासन की अनमोल धरोहर, गुरु राम की आज्ञा में विचरणरत चारित्र आत्माओं का बैतूल के जंगल क्षेत्र ढेकना में हुआ आध्यात्मिक मिलन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय क्षण बन गया। इस दिव्य संगम को देखकर गुरुभक्त भावविभोर हो उठे और इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।
प्रभु महावीर के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने वाले, आगम ज्ञाता एवं व्यसन मुक्ति के प्रणेता, हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य श्री रामलालजी महाराज साहब के सानिध्य में 4 सिंघाड़ों सहित कुल 11 संत-सतियों का विहार इन दिनों नर्मदापुरम संभाग में प्रवर्धमान है।
24 मार्च 2026, मंगलवार को शासन दीपक श्री मनीष मुनिजी महाराज एवं प्रणत मुनिजी महाराज साहब ने ननासा (जिला देवास) से लगभग 22 किलोमीटर का विहार कर संत सिंगाजी कॉलेज पधारकर धर्मलाभ दिया। आगामी गुरुवार को उनके जैन स्थानक भवन हरदा पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जहां से वे बैतूल होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर विहार करेंगे।
इसी क्रम में शासन दीपिका साध्वी श्री सुसौम्या श्रीजी सोडलपुर से विहार कर टेमागांव पहुंचीं, जबकि दूसरी ओर शासन दीपिका साध्वी श्री समिया श्रीजी छत्तीसगढ़ से राजस्थान की ओर विहार करते हुए बैतूल मार्ग से गुजर रही थीं।
बैतूल के जंगल क्षेत्र ढेकना में इन साध्वियों का हुआ आध्यात्मिक मिलन अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी रहा। श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ खिरकिया के सदस्य इस दुर्लभ क्षण के साक्षी बने और चारों सिंघाड़ों के दर्शन, सानिध्य एवं विहार सेवा का अनमोल लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर खिरकिया के गुरुभक्त राजकुमार रांका, आशीष समदड़िया, प्रियंका भंडारी, पायल भंडारी, ध्रुवी भंडारी एवं अन्य श्रद्धालुओं ने सेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया।
25 मार्च, बुधवार को टेमागांव में शासन दीपिका साध्वी श्री सुसौम्या श्रीजी (ठाणा 3) एवं साध्वी श्री समिया श्रीजी (ठाणा 3) का पुनः आत्मिक मिलन हुआ, जिसे देखकर कावेरी बाई रमेशचंद भाटी एवं अनिल भाटी परिवार सहित समस्त श्रद्धालु हर्षित हो उठे।
विहार सेवा का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं ने कहा “यह सेवा अनमोल है, इसका कोई मोल नहीं।




