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सांदीपनि स्कूल के विलय के दावों पर उठे सवाल: कालधाड़ के ग्रामीण बोले न बस आई न बच्चों का प्रवेश, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता”

रिपोर्ट:यश पांडे

हरदा। जिले की खिरकिया तहसील के ग्राम कालधाड़ में सांदीपनि विद्यालय में स्कूल के विलय को लेकर किए गए दावों पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन आज तक गांव के बच्चों को लेने के लिए स्कूल बस नहीं पहुंची है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से भी कोई स्पष्ट सूचना या व्यवस्था नहीं की गई है।

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ग्रामीणों ने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर उचित व्यवस्था नहीं की गई तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उनका कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ अभी तक गांव के विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है।

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ग्राम पंचायत कालधाड़ के सरपंच ओम राजपूत ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।

वहीं, गांव के समाजसेवी दिलीप ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। शासन द्वारा बनाई गई योजनाओं का लाभ समय पर बच्चों तक पहुंचना आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि सांदीपनि विद्यालय योजना को मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही गांव से विद्यालय तक लाने-ले जाने के लिए बस सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी है। ऐसे में कालधाड़ के ग्रामीण अब प्रशासन और शिक्षा विभाग से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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