*मां की याद में बेटियों का अनूठा संकल्प, श्रद्धांजलि में बांटे आम के पौधे* …… *श्रद्धांजलि बनी हरियाली का संदेश, मां की स्मृति में अतिथियों को भेंट किए पौधे*…… * *एक पौधा मां के नाम नन्हीं बेटियों ने मां की याद को हरियाली से किया अमर* ……. *मां की स्मृति को प्रकृति से जोड़ा, बेटियों ने पौधे बांटकर जीता सबका दिल*

मां की स्मृति में बेटियों ने बांटे आम के पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का भावपूर्ण संदेश



चौकड़ी। ग्राम चौकड़ी में स्वर्गीय श्रीमती माधुरी गौर की दशा कार्यक्रम के अवसर पर उनकी दो नन्ही बेटियों श्रव्या एवं राघवी ने अपनी मां की स्मृति को एक अनूठे और प्रेरणादायक अंदाज में जीवंत किया। श्रद्धांजलि देने पहुंचे सभी अतिथियों को आम के पौधे भेंट कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बारिश के इस अनुकूल मौसम में पौधों का वितरण केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति संकल्प का प्रतीक बन गया। इस भावपूर्ण पहल ने उपस्थित लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और पौधारोपण के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनों की स्मृतियों को केवल भावनाओं तक सीमित रखने के बजाय पौधारोपण जैसे सकारात्मक कार्यों से उन्हें चिरस्थायी बनाया जा सकता है। “एक पौधा मां के नाम” की भावना पर आधारित यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया।
श्रव्या और राघवी की इस संवेदनशील पहल ने यह संदेश दिया कि मां का प्यार, ममता और संस्कार प्रकृति की हरियाली के रूप में हमेशा जीवित रह सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वर्गीय श्रीमती माधुरी गौर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।




