*कमल पटेल के प्रयासों से गंजाल मोरन परियोजना को बड़ी राहत: पर्यावरण NOC मिली* …….. *पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों की मांग पर सिंचाई योजना में छूटे गांव जोड़ने के दिए निर्देश*… … *देखे वीडियो* ….. *पूर्व मंत्री कमल पटेल से मिले सैकड़ों गांवों के किसान*…….. *(देखे वीडियो)* *शाहिद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना शहीद दीप ओर अब गंजाल मोरान सिंचाई योजना ने 1 लाख 60 हजार हेक्टर भूमि होगी सिंचित*………. … *रिपोर्ट:यश पांडे* *आम जनता की सेवा ओए किसानों के लिए मै हमेशा वचनबद्ध :कमल पटेल*….. *(देखे वीडियो)*


हर खेत को पानी, हर घर में खुशहाली: कमल पटेल के प्रयासों से माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना बनेगी किसानों के लिए वरदान
रिपोर्ट:यश पांडे
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हरदा। हरदा जिले के किसानों के जीवन में सिंचाई व्यवस्था को नई दिशा और नई ताकत देने के उद्देश्य से पूर्व कृषि मंत्री एवं किसान हितैषी नेता कमल पटेल के सतत प्रयासों से माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना अब एक ऐतिहासिक परिवर्तन का माध्यम बनने जा रही है।

गंजाल–मोरन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य जल्द ही प्रारंभ होने जा रहा है। पर्यावरणीय अनापत्ति (NOC) प्राप्त होने के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस आधुनिक माइक्रो उद्वहन सिंचाई प्रणाली के तहत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सीधे खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पारंपरिक नहरों पर निर्भरता कम होगी और जल का अधिकतम एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि इस प्रणाली में अतिरिक्त बिजली बिल का बोझ नहीं पड़ेगा, जिससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
समय पर सिंचाई उपलब्ध होने से फसलों की पैदावार बेहतर होगी, उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आएगा तथा कृषि चक्र अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनेगा।
इस अवसर पर कमल पटेल ने कहा कि यह परियोजना किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा “जब किसान समृद्ध होगा, तभी गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बाजारों में नई रौनक आएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि “हर असंभव कार्य को संभव करना ही हमारी कार्यशैली है और जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
पूर्व मंत्री कमल पटेल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे और कोई भी गांव या खेत सिंचाई सुविधा से वंचित न रहे।
इस अवसर पर ग्राम बारंगा सहित हरदा विधानसभा क्षेत्र के अनेक ग्रामों के कृषकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साथ ही कई ग्रामों को परियोजना के कमांड एरिया में जोड़ने की मांग भी रखी गई, जिस पर अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इनमें काकड़ कच्छ, इगड़िया, पहटखुर्द, सारसुद, बावड़िया, लोनी, जटपुरा, प्रतापपुरा सेठ, जादौपुरा सेठ, भीमपुरा, बाफला आदि ग्राम शामिल हैं।
परियोजना की स्वीकृति पर महेंद्र सिंह यादव (केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, भारत सरकार), डॉ मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश), शिवराज सिंह चौहान (पूर्व मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री) तथा तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री, मध्यप्रदेश) का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी गई।
किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे “कृषि क्रांति की नई शुरुआत” बताया है। इस परियोजना से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कृषि उत्पादन में वृद्धि, किसानों की आय में बढ़ोतरी और ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी।
इस प्रकार कमल पटेल के प्रयासों से हरदा जिला आने वाले समय में सिंचाई सुविधा और कृषि समृद्धि का एक आदर्श मॉडल बनने की ओर अग्रसर है।




