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*वनांचल की चमत्कारिक सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम: जहां मां भगवती के दरबार में 24 घंटे मिलता है भोजन प्रसाद*………. /////// *(देखे वीडियो)*./////////// *मध्यप्रदेश की चमत्कारिक शक्तिपीठ कालीघोड़ी धाम: जहां हर श्रद्धालु के लिए दिन-रात खुला है मां भगवती का अन्नक्षेत्र*…../////////// *(देखे वीडियो)* *परम श्रद्धेय संत पंकज मुनि बोले मां भगवती की कृपा से सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम है लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र*….. *(देखे वीडियो)*….. //////////////// *संत पंकज मुनि के सान्निध्य में जगमगा रही सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम, दूर-दूर से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़*…. ….. *(देखे वीडियो)* …///////////// *गौसेवा को बनाया जनआंदोलन: परम श्रद्धेय संत पंकज मुनि के नेतृत्व में कालीघोड़ी धाम बना करुणा और संरक्षण का प्रेरणास्थल*… *(देखे वीडियो)* ……

वनांचल की चमत्कारिक सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम: जहां 24 घंटे मिलता है भोजन प्रसाद, भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं मां भगवती

रिपोर्ट:यश पांडे

कालीघोड़ी धाम। मध्यप्रदेश के वनांचल में स्थित सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है। घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ मां भगवती की दिव्य कृपा और सिद्ध संतों की तपोभूमि के रूप में विख्यात है।

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सिद्धपीठ के परम श्रद्धेय महंत संत पंकज मुनि ने बताया कि यह धाम सदियों से साधना, तपस्या और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र रहा है। यहां विराजमान मां भगवती के दरबार में सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा उनके दुख, कष्ट और पीड़ाओं का निवारण होता है। यही कारण है कि चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि के साथ-साथ गुप्त नवरात्रि में यहां हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर विशेष अनुष्ठान, पूजन और साधना करते हैं।

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परम संत पंकज जी मुनि महाराज

धाम परिसर में मां भगवती के साथ प्राचीन शिवलिंग, भगवान श्रीगणेश एवं संकटमोचन हनुमान जी महाराज की प्रतिमाएं विराजमान हैं। साथ ही पूर्वकालीन सिद्ध संतों की तपस्थली होने के कारण यह स्थान अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण माना जाता है।

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संत पंकज मुनि ने बताया कि कालीघोड़ी धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु और राहगीर के लिए 24 घंटे निःशुल्क भोजन प्रसाद एवं चाय की व्यवस्था रहती है। प्रतिदिन हजारों लोग यहां प्रसाद ग्रहण करते हैं। धाम नागपुर से मध्यप्रदेश होते हुए महाराष्ट्र जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित होने से बड़ी संख्या में यात्री यहां विश्राम और दर्शन के लिए रुकते हैं।

उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियां और घने जंगल इस सिद्धपीठ की सुंदरता को और अधिक दिव्य बना देते हैं, जिससे यहां पहुंचने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

संत पंकज मुनि ने यह भी बताया कि एक समय यह क्षेत्र गौ-तस्करी के लिए बदनाम था, लेकिन स्थानीय आदिवासी समाज, क्षेत्रवासियों तथा पुलिस प्रशासन के सहयोग से इस पर प्रभावी रोक लगाई गई। आज धाम परिसर में संचालित गौशाला में गौसेवा का कार्य निरंतर चल रहा है, जिसमें श्रद्धालु भी बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।

धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम बने सिद्धपीठ कालीघोड़ी धाम में प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि मां भगवती की इस पावन तपोभूमि की महिमा दूर-दूर तक श्रद्धा और विश्वास का संदेश दे रही है।

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