* *गौमाता को निराश्रित न छोड़ें’क्षमता से अधिक गौवंश होने पर गुप्तेश्वर गौशाला समिति की भावुक अपील* …… *रात में छोड़ी जा रहीं गायें बन रहीं चिंता, क्षमता से अधिक भरी गुप्तेश्वर गौशाला*

गुप्तेश्वर गौशाला हुई क्षमता से अधिक भर चुकी, समिति की किसानों से भावुक अपील गौमाता को बेसहारा न छोड़ें’
1600 की क्षमता वाली गौशाला में पहुंचीं करीब 1800 गौमाता, अब नई गायों को रखना होगा मुश्किल
रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया। गुप्तेश्वर गौशाला में गौवंश की लगातार बढ़ती संख्या अब चिंता का विषय बन गई है। गौशाला की क्षमता 1600 गौमाताओं की है, लेकिन वर्तमान में यहां लगभग 1800 गौमाता संरक्षित हैं। क्षमता से अधिक गौवंश होने के कारण समिति ने स्पष्ट किया है कि अब अतिरिक्त गायों को गौशाला में रखना संभव नहीं होगा।
समिति के उपाध्यक्ष एवं शिक्षक महेश तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में कुछ लोगों ने रात के समय एक गांव से दूसरे गांव में गायों को छोड़ने की गलत परंपरा बना ली है। इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों की बेसहारा गायें लगातार गुप्तेश्वर गौशाला पहुंच रही हैं, जिससे यहां व्यवस्थाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है और भविष्य में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अपनी गायों के पालन-पोषण की परंपरा को जीवित रखें और उन्हें आवारा छोड़ने जैसी प्रवृत्ति से बचें। गौमाता को बेसहारा छोड़ना सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी उचित नहीं है।
समिति ने कहा कि गौशाला की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए समाज और किसानों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में नई गौमाताओं को संरक्षण देना संभव नहीं हो पाएगा। समिति ने सभी से जिम्मेदारी निभाते हुए गौसंरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।




