*10 दिवसीय राम गुरु दर्शन तीर्थ यात्रा कर गुरु भक्त लौटे खिरकिया।*….. *(देखे वीडियो)* *बीकानेर में आचार्य श्री रामलालजी जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी सहित 164 संत – सतीयाजी के दर्शन,सानिध्य का लाभ खिरकिया के श्रद्धालुओं ने लिया।*………

10 दिवसीय राम गुरु दर्शन तीर्थ यात्रा कर गुरु भक्त लौटे खिरकिया।
बीकानेर में आचार्य श्री रामलालजी जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी सहित 164 संत – सतीयाजी के दर्शन,सानिध्य का लाभ खिरकिया के श्रद्धालुओं ने लिया।
रिपोर्ट:यश पांडे



खिरकिया:- 12 तारीख से 21 तक दस दिवसीय राम गुरु दर्शन तीर्थ यात्रा के दौरान खिरकिया के गुरुभक्तों ने बीकानेर,गंगा शहर – भीनासर परिक्षेत्र में विराज रहे हुक्म संघ के नवम पट्टधर,जन जन की श्रद्धा,भक्ति एवं आस्था के केंद्र,व्यसन मुक्ति के प्रणेता आगम ज्ञाता भाग्य विधाता आचार्य प्रवर श्री रामलालजी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी जी महाराज साहब आदि ठाणा सहित 35 संत मुनिराज एवं 90 साध्वियों के दर्शन, सानिध्य का लाभ लिया। आचार्य श्री जी ने अपनी अमृत देशना में नंदन मनिहार एवं गौतम स्वामी का उदाहरण देते हुए फरमाया कि आशक्ति भव भावांतर को बढ़ाने वाली है हमे किसी पर आसक्ति नहीं रखना चाहिए। आचार्य भगवन ने खिरकिया से पधारे गुरुभक्त मोहन सोनी,बद्रीप्रसाद राजपूत,विजेंद्र राजपूत द्वारा की जाने वाली धर्म आराधना की धर्म सभा में सराहना की।
इसके पूर्व उपाध्याय प्रवर ने गुण शील जैसी प्रवृत्ति से सभी योग्य व्यक्तियों को जोड़ने का आव्हान किया।
श्री गगन मुनिजी म.सा.ने कहा कि आज कल संघ,समाज, परिवार टूटने का मुख्य कारण सहनशीलता की कमी बताया हम सभी सहनशील बने। साथ ही कहा कि सुनना फायदे का सौदा है और अधिक बोलना घाटे का सौदा है।
श्री मधुर मुनिजी जी म.सा. ने त्याग प्रत्याख्यान के क्रम में सभी से आव्हान किया कि प्रत्येक घर से 9 की तपस्या होनी चाहिए। आगे आपने धर्म सभा में राजपूत समाज के नर्मदापुरम संभाग के अध्यक्ष बद्री प्रसाद पटेल,मोहन सोनी (स्वर्णकार) एवं विजेंद्र राजपूत खिरकिया द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली धार्मिक आराधना की धर्म सभा में भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए सभी को प्रेरणा स्वरूप कहा कि विरासत में जिन्हें जैन धर्म प्राप्त हुआ कही हम वंचित तो नहीं रह रहे।आत्म अवलोकन का विषय है।
धर्म सभा में खड़े कर तीनों का परिचय करवाया। कई तपस्वियों ने त्याग पचखान ग्रहण किए।
ब्यावर में विराज रहे शासन दीपक श्री विनय मुनिजी म.सा. ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आत्मा स्वाधीन बने। दया ही धर्म का मूल है।धर्म की जड़ हमेशा हरि भरी रहती है।ब्यावर समता भवन में विराज रहे शासन दीपक श्री विनय मुनिजी जी म.सा. आदि ठाणा 9 एवं कांकरिया
देलान में विराज रही शासन दीपिका साध्वी श्री रोशन कंवर जी म सा. ठाणा 6 के दर्शन सानिध्य का लाभ लिया और विजय सांड ने 41 वे मासक्षमण के पचखान किए।
इंदौर परिक्षेत्र में विराज रहे शासन दीपक श्री पदम मुनिजी जी म.सा. ठाणा 3, शासन दीपक श्री आदित्य मुनिजी जी म.सा. ठाणा 3 एवं शासन दीपिका साध्वी श्री कांता श्री जी म.सा. आदि ठाणा 16 एवं भोपाल में विराज रहे शासन दीपक श्री हेमंत मुनिजी जी म.सा.आदि ठाणा 2 सहित 52 साधु जी महाराज एवं 112 साध्वियों सहित कुल 164 के दर्शन,वंदन, प्रवचन एवं सद सानिध्य का लाभ प्राप्त किया। परम गुरुभक्त महेश नाहटा भी प्रतिदिन अपनी अनमोल सेवाएं प्रदान करते हुए जन जन को गुरुदेव के आयामों से जोड़ रहे है।
इस अवसर पर खिरकिया से बद्री प्रसाद पटेल,मोहन सोनी, विजेंद्र राजपूत,आशीष समदड़िया,कांता रांका,विमला रांका,कुसुमलता भंडारी,ऊषा मेहता,कंचन भंडारी,विजया रांका,उज्जवला बाफना,रत्ना समदड़िया ने लाभ लिया।
बद्री प्रसाद पटेल के समधी बीकानेर के कौशल प्रताप सिंह ने उपाध्याय प्रवर से गुणशील के प्रत्यख्यान ग्रहण किए।
बीकानेर,गंगाशहर भीनासर,ब्यावर, इंदौर, भोपाल आदि सभी जगह के गुरुभक्तों,वीर परिजनों की श्रद्धा,सेवा,भक्ति,समर्पणा अद्वितीय एवं अनुकरणीय रही।




