*आस्था, तप और आत्मशुद्धि का महापर्व: 8 सितंबर से शुरू होगा पर्वाधिराज पर्युषण*….. *खिरकिया में गूंजेगी जिनवाणी, 8 सितंबर से आठ दिवसीय पर्युषण पर्व का आगाज* *तप-त्याग और धर्म आराधना का आठ दिवसीय पर्व, 8 सितंबर से पर्युषण का शुभारंभ*

8 सितंबर से शुरू होगा पर्वाधिराज पर्युषण पर्व, 8 दिनों तक होगी धर्म आराधना
समता प्रचार संघ के स्वाध्यायी बंधुओं के सानिध्य में होंगे धार्मिक आयोजन, तप-त्याग और आत्मशुद्धि का दिया जाएगा संदेश
रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया। श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ के तत्वावधान में आठ दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण पर्व का शुभारंभ 8 सितंबर से होगा, जो 15 सितंबर तक श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्युषण पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ के अंतर्गत समता प्रचार संघ के माध्यम से रतलाम से ललित जी कटारिया एवं ऋषभ जी मुणत तथा मुंबई से धीरज जी चोरड़िया खिरकिया पधार रहे हैं। उनके सानिध्य में प्रतिदिन स्वाध्याय, ध्यान, प्रतिक्रमण, जिनवाणी वाचन, भक्ति एवं धार्मिक आराधना के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
यह आयोजन हुक्म संघ के नवम पट्टधर, जन-जन की आस्था के केंद्र, परम पूज्य आचार्य भगवन 1008 श्री रामलालजी म.सा. एवं बेले-बेले के तपस्वी, बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेश मुनि जी म.सा. की महत्ती कृपा से संपन्न होगा।
प्रतिदिन होंगे विविध धार्मिक आयोजन
पर्युषण पर्व के दौरान प्रातः 5:15 बजे राई प्रतिक्रमण, इसके पश्चात 6:10 बजे रामामृतम ध्यान साधना एवं प्रार्थना तथा 8:30 से 10:00 बजे तक अंतगढ़ सूत्र वाचन एवं व्याख्यान (जिनवाणी) होगा।
दोपहर 2:00 बजे “पर्युषण के रंग ज्ञान ध्यान के संग” विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं सूर्यास्त के साथ देवसी प्रतिक्रमण तथा रात्रि 6:30 बजे से धार्मिक कार्यक्रम होंगे। रात्रि 7:45 बजे जिज्ञासा एवं समाधान तथा भक्ति भावना का आयोजन किया जाएगा।
तप-त्याग और आत्मशुद्धि का पर्व
जैन समाजजनों से इस आठ दिवसीय पर्युषण पर्व में अधिक से अधिक सहभागिता करने का आह्वान किया गया है। समाजजनों से अपने सामर्थ्य के अनुसार तप-त्याग, धर्म-ध्यान, पौषध एवं रात्रि संवर आदि आराधनाएं कर अपनी आत्मा को हलुकर्मी बनाने का प्रयास करने की अपील की गई है।
श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार सभी धार्मिक कार्यक्रमों में उपस्थित होकर पर्युषण पर्व की आराधना का लाभ लेने का आग्रह किया है




