*उच्च शिक्षा मंत्री से मिले जनप्रतिनिधि*……. *नर्मदापुरम एवं पिपरिया में एलएलबी प्रवेश का मुद्दा उठाया*…. *ई-प्रवेश पोर्टल पर कॉलेजों के नाम नहीं, सैकड़ों छात्र प्रवेश से वंचित*


उच्च शिक्षा मंत्री से मिले जनप्रतिनिधि
नर्मदापुरम एवं पिपरिया में एलएलबी प्रवेश का मुद्दा उठाया
ई-प्रवेश पोर्टल पर कॉलेजों के नाम नहीं, सैकड़ों छात्र प्रवेश से वंचित
रिपोर्ट:यश पांडे

मध्य प्रदेश शासन के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार से होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा, पिपरिया विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी, सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह एवं सिवनी मालवा विधायक श्री प्रेमशंकर वर्मा ने भेंट कर शासकीय नर्मदा महाविद्यालय, नर्मदापुरम एवं पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय महाविद्यालय में एलएलबी पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का विषय प्रमुखता से उठाया।
सांसद श्री चौधरी ने मंत्री महोदय को अवगत कराया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से इस वर्ष ई-प्रवेश ऑनलाइन पोर्टल पर दोनों महाविद्यालयों का नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जिसके कारण छात्र-छात्राएं एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। इस समस्या से क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है तथा उनमें चिंता का वातावरण बना हुआ है।
नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा ने बताया कि नर्मदापुरम एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थी विधि शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हैं, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर संबंधित महाविद्यालयों का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से वे आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। सांसद श्री चौधरी ने इस तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्या का शीघ्र निराकरण कर दोनों महाविद्यालयों में एलएलबी प्रवेश प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कराने का आग्रह किया।
सांसद श्री चौधरी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार एवं विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित होने से विद्यार्थियों को अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी तथा क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




