*राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट की एंट्री से बदले समीकरण*….. *राज्यसभा चुनाव में ट्विस्ट: भाजपा ने उतारा तीसरा उम्मीदवार* *तीसरी सीट पर भाजपा का मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें*….. *मीनाक्षी नटराजन की राह में भाजपा की नई चुनौती, तीसरी सीट पर दिलचस्प मुकाबला*


राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने महेश केवट पर खेला दांव, कांग्रेस की राह हुई चुनौतीपूर्ण
रिपोर्ट:यश पांडे


भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सियासी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले महेश केवट निवाड़ी जिले के ओरछा क्षेत्र से जुड़े हैं और लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

अब तक यह माना जा रहा था कि कांग्रेस की उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन तीसरी सीट पर आसानी से जीत दर्ज कर लेंगी, लेकिन भाजपा के तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारने के फैसले ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री निवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठकों में तीसरे उम्मीदवार के नाम पर अंतिम सहमति बनी। इसके बाद महेश केवट के नाम पर मुहर लगाई गई। भाजपा पहले ही तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
राजधानी भोपाल में रविवार को दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकों का दौर चलाया। संगठन और सरकार के शीर्ष नेताओं ने चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
तीसरी सीट पर दिलचस्प हुआ गणित
मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान प्रभावी सदस्य संख्या 228 है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जिससे वह दो सीटें आराम से जीत सकती है। दो उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के बाद भाजपा के पास अतिरिक्त वोट बचते हैं, जिनके आधार पर पार्टी तीसरी सीट पर भी दावा ठोक रही है।
वहीं कांग्रेस के पास अपने सहयोगी समर्थन सहित पर्याप्त संख्या दिखाई दे रही है, लेकिन भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के उतरने से क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी खेमे में सेंध लगती है तो मुकाबला अपेक्षा से अधिक रोमांचक हो सकता है।
कांग्रेस के सामने नई चुनौती
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन सोमवार को नामांकन दाखिल करने जा रही हैं। हालांकि पार्टी के पास जीत के लिए आवश्यक संख्या से अधिक विधायक हैं, लेकिन भाजपा की नई रणनीति ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजरें मतदान के दौरान विधायकों की एकजुटता और संभावित क्रॉस वोटिंग पर टिकी रहेंगी।
राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला अब केवल संख्या बल का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रबंधन और रणनीतिक कौशल की भी परीक्षा बनता जा रहा है।




