*आशुतोष भैया इतने दूर से जायेगे तो कैसे काम चलेगा पास आकर मिलो :जीतू पटवारी*…… *(देखे वीडियो)*… …… *मतभेद बरकरार, मनभेद नहीं… दतिया में मंच पर गले मिले कांग्रेस और भाजपा के नेता* *दतिया उपचुनाव में दिखी लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर, मंच पर गले मिले जीतू पटवारी और आशुतोष तिवारी*…….. *(देखे वीडियो)* *सियासी मुकाबले के बीच सौहार्द की मिसाल, जीतू पटवारी ने मंच पर बुलाकर भाजपा प्रत्याशी को लगाया गले*


दतिया उपचुनाव में सियासत के बीच सौहार्द की मिसाल, मंच पर जीतू पटवारी और आशुतोष तिवारी ने किया आत्मीय अभिवादन
रिपोर्ट:यश पांडे
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान जहां चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, वहीं राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच आपसी सम्मान की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का काफिला वहां से गुजर रहा था। पटवारी ने मंच से उन्हें रुकने का आग्रह किया। आमंत्रण स्वीकार करते हुए आशुतोष तिवारी मंच के समीप पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया, गले मिले और कुछ देर सौहार्दपूर्ण बातचीत भी की।
इस घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गईं। इससे पहले भी जीतू पटवारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ट्रेन में चाय पर हुई मुलाकात सुर्खियों में रही थी। अब दतिया की यह तस्वीर चुनावी माहौल में राजनीतिक शालीनता और लोकतांत्रिक परंपराओं की नई मिसाल के रूप में देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में संवाद, सम्मान और सौहार्द लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि दोनों दल चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत से प्रचार में जुटे हैं, फिर भी यह दृश्य इस बात का संदेश देता है कि स्वस्थ लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा के साथ आपसी सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।




