*श्रद्धा परम दुर्लभ है – साध्वी श्री शारदा श्री जी महाराज साहब*… *गुरु हमें संयम की कला सिखाते हैं – साध्वी श्री विशुद्धि श्री जी महाराज साहब*

श्रद्धा परम दुर्लभ है – साध्वी श्री शारदा श्री जी महाराज साहब
गुरु हमें संयम की कला सिखाते हैं – साध्वी श्री विशुद्धि श्री जी महाराज साहब
रिपोर्ट;यश पांडे



खिरकिया/हरदा -आचार्य श्री रामलाल जी महाराज साहब की अज्ञानुवर्ती शासन दीपिका श्री शारदा श्री जी महाराज साहब आदि ठाणा 4 का मंगल गगन मेदनी नारो के साथ प्रवेश हरदा जैन स्थानक भवन में हुआ। इसके पूर्व सुबह कड़ोला से केवल लॉन्स हरदा पर कुछ समय विराजना हुआ जहां म.सा. द्वारा सुख विपाक सूत्र का वाचन किया गया। ज्ञातव्य है कि महाराज साहब का 2026 का वर्षावास हरदा श्री संघ को प्राप्त हुआ है। श्री शारदा श्री जी महाराज साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि- श्रद्धा परम दुर्लभ है।श्रद्धा से ही समकित एवं सम्यकत्व का स्पर्श होता है।धर्म श्रद्धा का फल,शारीरिक और मानसिक दुखों का छेदन भेदन करता है।इसके पूर्व विशुद्धि श्री जी महाराज साहब ने कहा कि – गुरु हमें संयम की कला सिखाते हैं। गुरु हमारी कमजोरी को हमारी ताकत बनाते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें अप्रमत गुरु मिले हैं। इस अवसर पर हरदा श्री संघ के अलावा श्री श्वेतांबर श्री संघ खिरकिया लगभग 40 सदस्य उपस्थित हुए। श्रावक- श्राविकाएं एवं गुरु भक्त, चारुवा ,कालधड़,खाचरोद,मंदसौर,सरदारशहर,इंदौर,कुंभराज, मसनगांव आदि जगह से श्रद्धालु उपस्थित थे। साथ ही प्रवेश अवसर साध्वियों के दर्शन,सानिध्य का लाभ लेने अमेरिका से अनुज जैन भी उपस्थित हुए। अल्पना जैन ने प्रभावना का लाभ लिया।चातुर्मासिक प्रवेश अवसर पर रत्ना आशीष समदड़िया ने आज तीन उपवास के प्रत्यखान ग्रहण दृढ़ मनोवल का परिचय दिया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों के आतिथ्य सेवा का लाभ मदन कवर बाईजी,राजकुमार बाफना परिवार में लिया।
इस प्रसंग पर हरदा से छाया बनवट,शोभा चपलोद नेहा बाफना,शेफाली बाफना,खिरकिया से महावीर महिला मंडल,आशीष समदड़िया, कालधड़ से दुर्गा प्रसाद मुछाला,नटवर सिसोदिया, नारायण छलोत्रे आदि भावों की अभिव्यक्ति देकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
खिरकिया से गुप्त लाभार्थी परिवार द्वारा बस से सभी को हरदा ले जाया गया साधुवाद।
धर्म सभा का संचालन पंकज बाफना ने किया।




