*धूमधाम से मनाया भगवान महावीर स्वामी जन्म वाचन महोत्सव, माता त्रिशला के १४ महास्वप्नों के चढ़ावों में उमड़ा उत्साह*

धूमधाम से मनाया भगवान महावीर स्वामी जन्म वाचन महोत्सव, माता त्रिशला के १४ महास्वप्नों के चढ़ावों में उमड़ा उत्साह
रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया।स्थानीय श्री नमीनाथ जिनालय में चल रहे पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अंतर्गत शनिवार को भगवान महावीर स्वामी का पावन जन्म वाचन महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। मुंबई से पधारीं विदुषी आराधिका श्राविका रत्न श्रीमती निर्मलाबेन हरकचंद नंदू एवं श्रीमती भारतीबेन केतन की पावन निश्रा में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संपूर्ण गरिमामय कार्यक्रम का कुशल संचालन अरुण नागड़ा द्वारा प्रभावी व सुचारू रूप से संपन्न किया गया।
दोपहर में निर्धारित समय पर शुरू हुए कार्यक्रम के दौरान माता त्रिशला द्वारा देखे गए १४ कल्याणकारी महास्वप्नों के दर्शन कराए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ स्वप्नों और विभिन्न मांगलिक प्रसंगों के चढ़ावों (बोलियों) में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कल्पसूत्र जी से जैसे ही भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्म का वाचन हुआ, संपूर्ण जिनालय परिसर “त्रिशलानंदन वीर की जय” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने मंगल बधाई गीत गाते हुए अक्षत और कुंकुम की वर्षा की तथा भक्ति-भाव से प्रभु का पालना झुलाया।
*मांगलिक चढ़ावों के लाभार्थी परिवार:*
कार्यक्रम में संपन्न हुए विभिन्न चढ़ावों एवं स्वप्नों के लाभार्थियों की सूची इस प्रकार रही
•द्वार उद्घाटन: विमलादेवी हुकुमचंद मेहता
• मोक्ष द्वार: चंदूलाल शिवजी नागड़ा परिवार
•गजवर (हाथी): ध्रुव दीपित मोमाया (मुंबई)
* वृषभ (बैल): शिखरचंद नागिनचंद भंडारी
* सिंह: अनिल धनराज मन्नौत
* लक्ष्मी जी: चंद्रकांत भवान नागड़ा
* पुष्प माला: जोगीलाल विमल राका
* चंद्र: अमरचंद दीपचंद मेहता
* सूर्य: गौतम सुभाषचंद रांका
* धर्मध्वज: वेरशी वेलजी नागड़ा
* पूर्ण कलश: चंद्रकांत भवान नागड़ा
* पद्मसरोवर: सुरेश रंगलाल रैदासानी
* क्षीर सागर: मातुश्री लक्ष्मीबाई भवान जी नागड़ा
* देव विमान: धीध्य केयूर शाह
* रत्नों की राशि: आदेश जी अमोलक चोपड़ा
* निर्धूम अग्नि: चंपालाल मांगीलाल भंडारी
* भगवान की आरती: अशोक भवरचंद कोचर
* मंगल दीपक: शिखरचंद नगिनचंद भंडारी
* पालना जी: श्री नवयुवक मंडल
श्री श्वेतांबर जैन संघ ने सभी लाभार्थी परिवारों का आभार जताते हुए उनकी इस पावन धर्म-आराधना की अनुमोदना की। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि महापर्व के आगामी दिनों में भी नियमित जिनवाणी वाचन, प्रतिक्रमण एवं भक्ति संध्या के आयोजन जारी रहेंगे।




