*खिरकिया में त्रि-दिवसीय ध्वजा महोत्सव का उत्साहपूर्वक शुभारंभ; स्नात्र पूजा के साथ गूंजे प्रभु के जयकारे*…. *रिपोर्ट:राजेश मेहता*


खिरकिया में त्रि-दिवसीय ध्वजा महोत्सव का उत्साहपूर्वक शुभारंभ; स्नात्र पूजा के साथ गूंजे प्रभु के जयकारे
रिपोर्ट :राजेश मेहता



खिरकिया नगर के प्राचीन एवं गरिमामयी श्री नमिनाथ जिनालय में गुरुवार को श्री जैन श्वेताम्बर श्री संघ के तत्वावधान में त्रि-दिवसीय भव्य ध्वजा महोत्सव का मंगलमय शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन जिनालय प्रांगण भक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया, जहाँ बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर धर्म लाभ लिया।
भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई स्नात्र पूजा
आयोजन की शुरुआत सुबह 9:30 बजे मंत्रोच्चार के साथ स्नात्र पूजा से हुई। संगीतकार की मधुर धुनों पर श्रद्धालुओं ने प्रभु की आराधना की। विशेष रूप से आज जिनालय में प्रभु का मनमोहक आंगिक श्रृंगार किया गया। मंदिर के गर्भगृह में पूजा अरुण नागड़ा एवं जीतल योगेश नागड़ा द्वारा बनाई गई आकर्षक स्वस्तिक गहुली श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। आज की प्रभावना का लाभ मातोश्री लक्ष्मीबाई भवानजी नागड़ा परिवार ने लिया।
क्या है स्नात्र पूजा का आध्यात्मिक महत्व
जैन दर्शन के अनुसार, स्नात्र पूजा तीर्थंकर परमात्मा के जन्म कल्याणक का प्रतीक है, जिसे सुमेरु पर्वत पर देवों द्वारा किए गए अभिषेक की स्मृति में किया जाता है। मान्यता है कि किसी भी मांगलिक कार्य के प्रारंभ में स्नात्र पूजा करने से समस्त विघ्न-बाधाएं शांत होती हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पूजा आत्मा की शुद्धि और पुण्य संचय का सशक्त माध्यम मानी जाती है।
*कल होंगे विशेष अनुष्ठान*
श्री संघ ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को विशेष अभिषेक एवं पूजा का क्रम जारी रहेगा। शनिवार 14 फरवरी को सुबह 9 बजे विधि-विधान के साथ मंदिर शिखर पर नवीन ध्वजा आरोहण किया जाएगा। श्री जैन श्वेताम्बर श्री संघ ने आगामी सभी कार्यक्रमों में सपरिवार सम्मिलित होने की अपील की है।




