*गौमुख धाम में नर्मदा पुराण से जाग्रत हुई आध्यात्मिक चेतना खिरकिया बना साक्षात तीर्थ*…… *मां नर्मदा की अमृतधारा से आलोकित गौमुख धाम नर्मदा पुराण से गूंजा खिरकिया* …….. *135 वर्षों बाद गौमुख धाम में मां नर्मदा का पुनः अवतरण, नर्मदा पुराण से भक्तिमय हुआ नगर* *गौमुख धाम में प्रवाहित नर्मदा पुराण कथा, कण-कण में शिवमय हुआ खिरकिया* …… *नर्मदा पुराण के दिव्य प्रवाह से सिद्ध पीठ गौमुख धाम बना आस्था का केंद्र* …… *प्राचीन गोमुख मंदिर में रात्रि में हुआ संगीत में सुंदरकांड का आयोजन*…… *(देखें वीडियो)*






*प्राचीन सिद्ध पीठ गौमुख धाम में नर्मदा पुराण, साक्षात तीर्थ बना खिरकिया*
रिपोर्ट:यश पांडे
खिरकिया।
मां नर्मदा की पुण्यधारा से पावन अमरकंटक से प्रारंभ हुई नर्मदा पुराण कथा इन दिनों खिरकिया के प्राचीन, पौराणिक एवं सिद्ध पीठ गौमुख धाम में पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ प्रवाहित हो रही है। नर्मदा पुराण के दूसरे दिन कथा के माध्यम से यह दिव्य संदेश दिया गया कि मां नर्मदा के कण-कण में स्वयं भगवान शिव विराजमान हैं। इसी कारण देवता, ऋषि-मुनि, गंधर्व, सिद्ध एवं योगी सदैव मां नर्मदा का आश्रय लेकर उनके पावन तट पर तपस्या करते आए हैं।
कथावाचक पंडित श्री मधुसूदन जी साकल्ले के मुखारविंद से निकली अमृतवाणी में गौमुख धाम के महत्व का विशेष वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि गौमुख धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि तप, त्याग और साधना की सिद्ध भूमि है। यह वही पावन स्थल है, जहां वर्षों पूर्व मां नर्मदा ने एक महान संत को साक्षात दर्शन देकर अपने अस्तित्व का आशीर्वाद प्रदान किया था।
लगभग 135 वर्षों के पश्चात मां नर्मदा पुनः कथा स्वरूप में गौमुख धाम पधारी हैं, जिससे यह सिद्ध स्थल पुनः जाग्रत होकर आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन गया है। मान्यता है कि गौमुख धाम में की गई पूजा-अर्चना, जप-तप एवं कथा श्रवण से समस्त कष्टों का नाश होता है तथा भक्तों को शिव कृपा एवं नर्मदा कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है।
नर्मदा पुराण के आयोजन से गौमुख धाम की पावन धरती धर्म, भक्ति और वैराग्य की दिव्य तरंगों से आलोकित हो उठी है। हर ओर हर-हर महादेव और जय मां नर्मदा के गगनभेदी उद्घोष गूंज रहे हैं। दूर-दूर से आए श्रद्धालु इस दिव्य अवसर के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य मान रहे हैं।
गौमुख धाम में प्रवाहित हो रही नर्मदा पुराण कथा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह जन-जन में सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का माध्यम भी बन रही है।
संगीत में सुंदरकांड का देखें वीडियो
रात्रि में गौमुख धाम परिसर में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित मोहित सीतों, संजू नामदेव सहित समस्त श्रद्धालुओं ने अपनी मधुर वाणी में धार्मिक भजन-गीत प्रस्तुत किए तथा सुंदरकांड का भावपूर्ण पाठ किया।










