Uncategorized

*भौतिक युग में आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ रहे बच्चे*….. *(देखे वीडियो)* *मैसूर शिविर से लौटे शिविरार्थि बालक अमम समदड़िया का किया आत्मीय स्वागत,सम्मान, अभिनंदन*

भौतिक युग में आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ रहे बच्चे।

मैसूर शिविर से लौटे शिविरार्थि बालक अमम समदड़िया का किया आत्मीय स्वागत,सम्मान, अभिनंदन…

 

रिपोर्ट:यश पांडे

देखे वीडियो

 

 

:- भीनासर में विराज रहे आचार्य श्री रामलालजी म.सा.,उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनिजी म.सा. सहित गंगाशहर, इंदौर,बीकानेर, मैसूर,बैंगलुरु,ऊटी, आदि स्थानों पर विराज रहे 170 से भी अधिक संत सतीयाजी के दर्शन,प्रवचन के साथ कुशल जीवन निर्माण रूपी सानिध्य के साथ मार्गदर्शन प्राप्त कर ऊटी में भावना श्री जी म.सा. आदि ठाणा 3 के विहार सेवा अनमोल सेवा में सहभागी बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ।

 

श्रीमद जैनाचार्य श्री रामलालजी म.सा. एवं उपाध्याय श्री राजेश मुनिजी म.सा.की कृपा से मैसूर में विराज रहे शासन दीपक संत श्री विदेह मुनिजी म.सा.,उत्तमयश मुनिजी म.सा.ठाणा 2 एवं शासन दीपिका साध्वी श्री अर्चना श्रीजी म.सा. आदि ठाणा के 4 के सानिध्य में कर्नाटक के मैसूर शहर में आयोजित दस दिवसीय “आध्यात्मिक उन्नयन शिविर” में भाग लेकर 1 माह 2 दिन बाद लौटा बालक अमम का खिरकिया नगर आगमन पर स्वागत किया गया। इस आध्यात्मिक शिविर के अपने अनुभवों को समाज के वरिष्ठ जनों के समक्ष रखते हुए बालक ने कहा कि मैं तो शिविर में वालिंटियर के लिए गया था लेकिन पापा (आशीष समदड़िया) ने शिविर प्रमुखो जैसे विनोद पितलिया,सतीश बच्छावत हैदराबाद,पुनीत सिपानी बैंगलोर,बाबू बडेर बीकानेर एवं मैसूर के पदम दख,गौतम दख आदि से संपर्क कर मुझे शिविरार्थी के रूप में बैठने को कहा फिर इन्होंने संत म.सा. एवं साध्वियों से संपर्क करवाया फिर मेरा मन स्टूडेंट के रूप में बैठने के लिए हो गया। श्री साधुमार्गी म.प्र.अंचल कार्यकारिणी सदस्य सुनीता हरकचंद सांड ने कहा आज के भौतिक युग में बच्चों का इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ना समाज के लिए गर्व की बात है इससे भावी पीढ़ी में नैतिकता संस्कार और धर्म के प्रति आस्था मजबूत होती है भविष्य में ऐसे आयोजन में भाग लेने के लिए समाजजनों सहित गुरु भक्तों ने बालक अमम को खिरकिया नगर आगमन पर प्रोत्साहित कर अभिनंदन एवं किया

इस आध्यात्मिक शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग डेढ़ सौ से अधिक शिवरीर्थी शामिल हुए शिविर में जन जन के जैन संतों एवं साध्वियों के सानिध्य में बच्चों को संयम – अनुशासन आत्म चिंतन और ध्यान,प्राणायाम साधना का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया बताया कि शिविर के दौरान “संपूर्ण दिवस साधु जीवन की तरह नियमों का पालन कराया गया” जिसमें प्रातः कालीन साधना ध्यान स्वाध्याय प्रवचन ,मौन, सेवा कार्य एवं आत्म संयम साथ ही रात्रि संवर ,प्रतिदिन एकसन करना आदि प्रमुख रहे। शिविर में जैन साधु संतों के संयम पूर्ण जीवन को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने का एक अनूठा अवसर रहा।
इस अवसर पर स्वरूप चंद सांड,हेमचंद भंडारी,हरकचंद सांड,सुगन भंडारी,पंकज कोटेचा,मोहन सोनी,महेंद्र रांका,रितेश रांका, कांता रांका,सुनीता सांड,उज्जवला बाफना,सरोज भंडारी,स्मिता रांका,श्रुति रांका,पीहू रांका,अदिति रांका,रक्षा कोटेचा आदि गुरु भक्त उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!