*माता के संस्कारों की रोशनी में आस्था का पथ: शोक की घड़ी में जैन साध्वियों के दर्शन को पहुंचा सांगवा का पटेल परिवार* *माता के संस्कार बने संबल: आस्था और श्रद्धा के साथ जैन साध्वियों के दर्शन को पहुंचा सांगवा का पटेल परिवार*…… . *शोक में भी धर्म ओर आस्था भाव से पटेल परिवार ने किए जैन साध्वियों के दर्शन* …… *मृत्यु प्रकृति की विचित्र लीला पर अटूट अंतिम सत्य:जैन साध्वी* ….. *राजपूत परिषद के संभाग अध्यक्ष बद्री पटेल सांगवा परिवार सहित जन जन की जैन साध्वियों के दर्शन करने पहुंचे चारूवा*


शोक की घड़ी में जैन साध्वियों के दर्शन, सानिध्य व मार्गदर्शन हेतु चारूवा जैन स्थानक पहुंचा सांगवा का पटेल परिवार
रिपोर्ट:यश पांडे
चारूवा
राजपूत परिषद के संभागीय अध्यक्ष श्री बद्रीप्रसाद पटेल, श्री पूनम पटेल एवं श्री दशरथ पटेल की पूज्य माताजी स्वर्गीय सीता बाई पटेल के निधन के पश्चात शोक की इस कठिन एवं संवेदनशील घड़ी में सांगवा का पटेल परिवार चारूवा जैन स्थानक पहुंचा। यहां परिवार ने जन-जन की श्रद्धा की केंद्र पूज्य जैन साध्वि शासन दीपिका श्री प्रज्ञा श्री जी म.सा. एवं साध्वि प्रेक्षा श्री जी म.सा. (ठाणा.4) के दर्शन, वंदन कर उनका सानिध्य प्राप्त किया तथा मंगल पाठ का श्रवण किया।
इस अवसर पर जैन साध्वियों ने स्वर्गीय सीता बाई पटेल के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु अवश्यंभावी है। मृत्यु ही जीवन का अंतिम और शाश्वत सत्य है।उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए आर्त-ध्यान से दूर रहकर धर्म-ध्यान, स्वाध्याय एवं संयम के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
साध्वियों ने कहा कि माता द्वारा दिए गए संस्कार अमूल्य होते हैं, जो संतान के आचरण, सेवा भावना और समाजहित के कार्यों में सदैव जीवित रहते हैं। उन्होंने पटेल परिवार द्वारा अहिंसामय जैन धर्म की विशुद्ध परिपालना, पंच महाव्रतों के प्रति श्रद्धा तथा धर्म, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने की भावना की सराहना करते हुए इसे प्रशंसनीय और अनुमोदनीय बताया।
साध्वियों ने आगे कहा कि स्वर्गीय सीता बाई पटेल के जीवन के सद्गुणसरलता, सहजता, माधुर्यता एवं परोपकारको अपने जीवन में उतारकर सेवा एवं धार्मिक गतिविधियों को जीवन का अभिन्न अंग बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उल्लेखनीय है कि परंपरानुसार मृत्यु उपरांत परिवार के शोक में ‘डेल छुड़ाई’ का कार्यक्रम घर की बहु-बेटियों के लिए आयोजित किया जाता है। इसके पूर्व पटेल परिवार पूर्ण श्रद्धा एवं आस्था के साथ जैन साध्वियों के दर्शन हेतु चारूवा पहुंचा।
इस दौरान पटेल परिवार के सदस्यों श्री बद्रीप्रसाद पटेल, पूनम पटेल, दशरथ पटेल, अभिषेक पटेल, अथर्व राजपूत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रानू पटेल, गंगोत्री पटेल (सांगवा), कोकिला सोलंकी (दुर्गाड़ा), उर्मिला राजपूत (सारसूद), गोविंद राजपूत (दुधकच्छ) सहित अन्य परिजनों ने साध्वियों से ग्राम सांगवा पधारने की भावभीनी विनती की और कहा कि आपका आगमन ग्राम के लिए सौभाग्य का विषय होगा।
परिवार ने पूर्व स्मृतियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2007 में आचार्य श्री रामलालजी म.सा. सहित आदि ठाणा का आगमन, तत्पश्चात श्री विनय मुनि जी, श्री मधुर मुनि जी, साध्वि दर्शना श्री जी, साध्वि प्रतीक्षा श्री जी सहित अनेक साधु-साध्वियों का सांगवा आगमन भी पटेल परिवार की श्रद्धा, भक्ति एवं भावपूर्ण विनती से ही संभव हुआ है।
इस अवसर पर हरकचंद सांड, महेंद्र रांका (खिरकिया), चारूवा श्री संघ के अध्यक्ष नगीन कोटेचा, मंत्री प्रथमेश प्रकाशचंद, अनिल, प्रवीण, संदेश नाहर, पवन कोटेचा, भावना मराठा सहित अनेक श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।




