*खंडवा:फर्जी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की तस्वीरें अपलोड करने पर बड़ा एक्शन: शिक्षक निलंबित, वेतन वृद्धि रोकी, वेतन कटौती*…… *शिक्षकों को A I जनरेटेड फोटो अपलोड करना पड़ा महंगा* *केच द रेन’ अभियान में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी: कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की सख्ती, शिक्षकों पर निलंबन और वेतन कार्रवाई* …… *मिशन अमृत संचय में लापरवाही उजागर: कूट रचित फोटो अपलोड करने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही* *रेन वॉटर हार्वेस्टिंग में फर्जीवाड़ा: प्राचार्य के निलंबन का प्रस्ताव, शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी*


फर्जी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मामला: कलेक्टर का सख्त एक्शन, प्राचार्य निलंबन प्रस्तावित, शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी
रिपोर्ट:यश पांडे

खंडवा।
मिशन अमृत संचय अभियान के तहत जिले के शासकीय सेवकों को अपने-अपने निवास स्थान पर स्वैच्छिक रूप से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचना स्थापित करने हेतु प्रेरित किया गया था। इसी क्रम में संकुल केंद्र ओंकारेश्वर के अंतर्गत संचालित शालाओं में पदस्थ कुछ शिक्षकों द्वारा वास्तविक कार्य किए बिना आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग करते हुए कूट रचित (फर्जी) चित्र तैयार कर उन्हें “कैच द रेन” पोर्टल पर अपलोड किया गया।
मामले की जानकारी सामने आते ही कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए। जांच के दौरान कुछ शिक्षकों ने स्वयं यह स्वीकार किया कि उनके द्वारा तकनीकी माध्यम से फर्जी फोटो अपलोड किए गए थे।
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशों का सही ढंग से पालन न करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जगदीश मुनेवर, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओंकारेश्वर के निलंबन हेतु प्रस्ताव शिक्षा आयुक्त को भेजा गया है।
इसके अतिरिक्त दिनेश चौहान, सरीता सोलंकी एवं भारती यादव (उच्च माध्यमिक शिक्षक) की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण, भोपाल को भेजे गए हैं।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि रमावती कनेल, प्रधान पाठक माध्यमिक शाला ओंकारेश्वर के निलंबन का प्रस्ताव संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण इंदौर संभाग को भेजा गया है। वहीं विद्या दुबे (माध्यमिक शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला ओंकारेश्वर) तथा संध्या राजपूत (उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शाला टेम्भी खुर्द, विकासखंड पंधाना) को निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ ही मनोज काले एवं लोकेन्द्र कुमार यादव (अतिथि शिक्षक, ओंकारेश्वर) का दो माह का वेतन काटा गया, जबकि सचिन यादव (व्यावसायिक प्रशिक्षक, ओंकारेश्वर) की सेवाएं संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही, फर्जीवाड़ा या गलत जानकारी प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




