*इंदौर दूषित पेय जल मामला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषी अधिकारियों के विरूद्ध लिया सख्त एक्शन* ……. *नगर निगम कमिश्नर को हटाया, अपर आयुक्त और PHE के अधीक्षण यंत्री सस्पेंड*….. *पूरे मध्यप्रदेश के नगरपालिका परिषदों को सख्त निर्देश पेयजल व्यवस्था की अब शिकायत बर्दाश्त नहीं*…… *इंदौर में दूषित पेयजल की शिकायत को लेकर हेल्प लाइन नंबर 7440443500 जारी*


इंदौर दूषित पेयजल मामला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया सख्त एक्शन
नगर निगम कमिश्नर हटाए गए, अपर आयुक्त व PHE के अधीक्षण यंत्री निलंबित
पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों को कड़े निर्देश – अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं
रिपोर्ट:यश पांडे


भोपाल।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से नागरिकों के बीमार होने की घटना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। जबलपुर दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने रात्रि में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी ली और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप यादव को पद से हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने पर अपर आयुक्त श्री रोहित सिसोनिया एवं प्रभारी अधीक्षण यंत्री (PHE) श्री संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
घटना का विवरण
28 दिसंबर को भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के प्रकरण सामने आए। जांच में पेयजल प्रदूषण संभावित कारण पाया गया। प्रशासन द्वारा 13,444 घरों का सर्वे किया गया।
कुल 310 मरीज भर्ती
235 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे
24×7 डॉक्टर ड्यूटी पर
10 एम्बुलेंस तैनात
1600 से अधिक जल नमूनों की जांच
24×7 कॉल सेंटर और सहायता डेस्क सक्रिय
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि जनस्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रदेश के सभी नगर निगम महापौरों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों के साथ बैठक कर स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ पेयजल हेतु जारी प्रमुख दिशानिर्देश
20 वर्ष से अधिक पुरानी पाइपलाइनों का चिन्हांकन
सीवर/नालियों के पास से गुजरने वाली पाइपलाइनों की जांच
48 घंटे में लीकेज मरम्मत अनिवार्य
7 दिन में WTP एवं OHT टंकियों की सफाई व निरीक्षण
जल नमूनों की तत्काल जांच
प्रदूषण पाए जाने पर तुरंत जल आपूर्ति बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था
क्लोरीनेशन सिस्टम की 24×7 निगरानी
पाइपलाइन लीकेज डिटेक्शन हेतु जन-जागरूकता अभियान
शिकायतों को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
पेयजल शिकायतें Emergency Category में
24–48 घंटे में अनिवार्य निराकरण
CM हेल्पलाइन पर दूषित पेयजल व सीवेज शिकायतों का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति प्रदेश में कहीं भी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
*इंदौर में पीने के गंदे पानी की सूचना दें, हेल्पलाइन नंबर जारी, सबसे शेयर करें जरूरी जानकार
अब नर्मदा जलप्रदाय से जुड़ी किसी भी समस्या पर आम नागरिक सीधे 7440443500 और 7440440511 नंबरों पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। कंट्रोल रूम में दर्ज हर शिकायत को शिकायत पंजी में दर्ज कर त्वरित निराकरण करने और आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



