*33 वर्षों की सेवाओं को नमन: शिक्षक पूनमचंद बिश्नोई का हुआ गरिमामय सम्मान समारोह*

33 वर्षों की सेवाओं को नमन: शिक्षक पूनमचंद बिश्नोई का हुआ गरिमामय सम्मान समारोह
रिपोर्ट:यश पांडे

खिरकिया टेमलाबाड़ी
शिक्षा किसी भी समाज की मजबूत नींव होती है और शिक्षक वह स्तंभ हैं, जो इस नींव को स्थिर और सुदृढ़ बनाते हैं। प्राथमिक शाला टेमलाबाड़ी रैयत के शिक्षक श्री पूनमचंद बिश्नोई ने अपने 33 वर्षों के शिक्षण जीवन में विद्यार्थियों और समाज के लिए जो योगदान दिया है, वह वास्तव में अद्वितीय और प्रेरक है।
सम्मान से भरा आयोजन

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उनके सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके परिवार, रिश्तेदारों, ग्रामवासियों तथा चरुवा संकुल के सभी शिक्षकों की उपस्थिति में विद्यालय में एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम रखा गया।
इस अवसर पर
विद्यालय के सभी 40 विद्यार्थियों को श्री बिश्नोई ने अपने निजी व्यय से गर्म जैकेट प्रदान किए।
वहीं माध्यमिक विद्यालय परिसर में 21 पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
माननीय अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी, सह संचालक बलवंत पटेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार, संकुल प्राचार्य डॉ. ज्योति वर्मा तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने श्री पूनमचंद जी की निष्ठा, सरलता, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें आदरपूर्वक विदाई दी।
शिक्षा, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
कार्यक्रम में सभी ने कहा कि श्री पूनमचंद बिश्नोई द्वारा दिए गए संस्कार, मानवीय मूल्य और अध्ययन अध्यापन की परंपरा आगे भी समाज को दिशा देती रहेगी।
सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखमय जीवन की शुभकामनाएँ दीं।




