*भीषण जाम में अटका जीवन, समय पर अस्पताल न पहुँचने से घायल की मौत* *खिड़कियां मंडी गेट के सामने ट्रैक्टर–ट्रॉलियों के जाम से हुई परेशानी*… *मीडिया कर्मियों ने दिखाई मानवता पत्रकार असलम खान शेक अफरोज घायल को कार से लेकर पहुंचे थे अस्पताल*….





भीषण जाम में अटका जीवन, समय पर अस्पताल न पहुँचने से घायल की मौत
खिड़कियां मंडी गेट के सामने ट्रैक्टर–ट्रॉलियों के जाम ने रोकी राहत, मीडिया कर्मियों ने दिखाई मानवता
रिपोर्ट;यश पांडे

खिरकिया। बुधवार शाम करीब 6 बजे खिड़किया–चारूवा मार्ग पर उस समय हृदय विदारक स्थिति बन गई, जब छिपाबड़–चारूवा मार्ग पर दो बाइकों की आमने–सामने हुई भीषण भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घर लौट रहे मीडिया कर्मी शेख अफरोज, पत्रकार असलम खान और उनके भाई राजा ने भीड़ देखकर अपनी गाड़ी रोकी और बिना समय गंवाए मानवता का परिचय देते हुए एक गंभीर घायल को कार में लिटाकर अस्पताल ले जाने का प्रयास शुरू किया।
25 मिनट के जाम ने छीन ली एक जान
अस्पताल ले जाते समय खिड़कियां मंडी गेट के सामने खड़ी ट्रैक्टर–ट्रॉलियों के कारण बना भीषण जाम बड़ी बाधा बन गया।
पत्रकारों की कार करीब 25 मिनट तक वहीं फंसी रही, जबकि घायल व्यक्ति जीवन और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। बार-बार अपील करने के बावजूद भारी वाहनों को हटाने में देर होती गई।
जब रास्ता अंततः साफ हुआ और घायल को तेज़ी से अस्पताल ले जाया गया, तब तक देर हो चुकी थी—डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीयों में आक्रोश, ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल
घटना ने एक बार फिर नगर की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था और मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की मनमानी पार्किंग पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि
“यह पहली बार नहीं है जब जाम ने जीवनरक्षक प्रयासों में बाधा डाली हो। प्रशासन को तुरंत सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए।”
मीडिया कर्मियों की सराहना
इस दुखद घटना के बीच मीडिया कर्मियों द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और साहस की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है।
उन्होंने समय पर मदद कर समाज के सामने मानवता की मिसाल पेश की।










