*धर्म के साथ रिलेशन से जीवन में उन्नति के अवसर मिलते है:- प्रज्ञा श्री जी*…. *जीवन में जो भी होता है अच्छे के लिए होता है:- साध्वी प्रणति श्री जी*






धर्म के साथ रिलेशन से जीवन में उन्नति के अवसर मिलते है:- प्रज्ञा श्री जी
जीवन में जो भी होता है अच्छे के लिए होता है:- साध्वी प्रणति श्री जी
रिपोर्ट:यश पांडे

छीपाबड़:- जन जन की जैन साध्वी प्रज्ञा श्री जी म.सा. ठाणा 4 का ग्राम छीपाबड़ में गंगाविशन जरखड़िया मुनीम के निवास पर पधारना हुआ। रविवार को उपस्थित जन समूह को अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए मार्गदर्शक संदेश दिया ।आपने बताया कि रिलेशन जोड़ना आसान होता है किंतु निभाना बड़ा कठिन होता है गटर का पानी पीने के काम नहीं आता है पर आग बुझाने के काम में लिया जा सकता है फिल्टर करके उपयोगी बनाया जा सकता है,सिंचाई के काम में लिया जा सकता है,बिजली बना सकता है आशय ये है कि आपके रिलेशन हर स्तर पर बने रहना चाहिए।मंथरा के रिलेशन ने भगवान को बनवास कराया पर अपने बनवास काल में भगवान के रिलेशन उन्हें चक्रवर्ती राजा बनाया उनके सर्व समाज बानर भालुओ के साथ मजबूत रिलेशन ने रावण के अहंकार पर विजय दिलाई ।आपने आगे अपने संदेश में बताया कि हमेशा नेचर सही रखने से रिलेशन खराब नही होते है आपका नेचर आपको धर्म और अधर्म दोनो दिशा में ले जा एकता है किंतु अगर आप अपने नेचर से धर्म की चले तो आपको आनंद मिलना शुरू हो जाएगा सुख, समृद्धि,शांति और समाधि का मार्ग मिलना आसान होता जायेगा ।सुदेश गुरु और सुधर्म से हमारा रिलेशन जीवन को धन्य बनाने की सामर्थ्य रखता है ।
*छीपाबड़ की बेटी साध्वी प्रणति श्री म.सा. ने छीपाबड़ में दिया संदेश*
छीपाबड़ के स्वर्गीय दगडू लाल माता शांता बाई जैन की सांसारिक बेटी सुश्री प्रियंका चोरड़िया जिन्होंने 18 वर्ष पहले गुरु राम से दीक्षा लेकर सन्यास प्राप्त साध्वी श्री प्रणति श्री जी म.सा. ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन में जो भी होता है अच्छे के लिए होता है,हमे लगता है कि हमारे साथ को घटना घटित हुई या जो परिवर्तन हुआ उसके पीछे ईश्वर का कोई न कोई उद्देश्य छिपा होता है अगर हमारी पुण्यायी अच्छी है तो हमारे साथ कभी भी कोई बुरा नही घट सकता सब कुछ अच्छा ही होता है हमे हमेशा अपने जीवन को ईश्वर के काम में और साधु संतो के समागम में बनाए रखना चाहिए,हमारे जीवन की जिज्ञासाओं का समाधान इनकी ही शरण में संभव है अन्यथा जीवन में भटकाव ही रह जाता है आपने आगे बताया कि हम सब जीवन में कल्याण चाहते है पर ये घर बैठे बैठे संभव नहीं है हमेशा प्यासे को कुए के पास जाकर ही समाधान मिला है ।भगवतकृपा और गुरु शरण से ही हम धर्म और अध्यात्म के मर्म को जानकर जीवन को सार्थक बना सकते है।
इस अवसर पर शिक्षक महेश तिवारी ने अपने आभार उदबोधन में कहा कि जीवन में म.सा. का संदेश सार्थक और अनिवार्य बताया उन्होंने कहा कि आज हमारा नगर गौरांवित है कि हमारे नगर की बेटी जिसने अपने पूर्व काल में हमारे से पढ़ना लिखना सीखा वो आज हमारे सामने गुरु के रूप में संदेश देकर मार्ग दिखा रही है और जीवन का संदेश दे रही है जो गौरव की बात है आज हमारी बेटी ने हमको सिखाया कि कुछ भी होता है अच्छे के लिए होता होनी में अच्छाई देखोगे तो अच्छा ही प्रमाण मिलेगा । हमे बड़े मा सा से अपने रिलेशन और नेचर को सुधारने की प्रेरणा मिली है जो हमेशा हमारे जीवन को सार्थक बनाएगी आज हमने आपके बिहार संदेश से जीवन को धन्य बनाया है हम सभी नगर वासी आपके आभारी है।
इस अवसर पर छीपाबड़ के श्रद्धाशील ग्रामवासी,खिरकिया श्री संघ के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
स्कूल संचालक जय सिंह राजपूत ने स्कूलों में धर्म संदेश जीवन परिवर्तन रूपी व्याख्यान देने की धर्मसभा में विनती की।
संचालन आशीष समदड़िया एवं महेश तिवारी ने किया।
प्रभावना का लाभ पवन,पंकज कोटेचा ने लिया।
सभी सत्संग प्रेमीयो से,सुबह 9:00 बजे 10 बजे प्रवचन में गांधी चौक छीपाबड़ में पधारने की अपील की।









