धर्म

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<strong>माँ भारती के स्वरूप में विराजी माँ दुर्गा

आपरेशन सिंदूर की थीम पर सजाया दरबार

रिपोर्ट:यश पांडे

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खिरकिया । श्री दुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र ये एक ऐसा नाम हे जो धार्मिक संस्था के साथ दुर्गा उत्सव मनाने वाली समितियों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है| नगर की प्राचीन दुर्गा उत्सव संस्थाओं में शुमार इस समिति ने इस बार जो पंडाल बनाया है वो इस समय नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है । आमजनता इसे काफी सरा रही है समिति के सदस्य देवेंद्र दरबार, घेचू चंद्रवंशी , जयंत अग्रवाल ने बताया कि समिति द्वारा इस वर्ष विगत दिनों पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के मुंह तोड़ जबाब में भारत सरकार द्वारा जो आपरेशन सिंदूर चलाया था जिसकी कमान मातृ शक्तियों के हाथ में थी उसकी सफ़ता और मातृ शक्ति के इस अदम्य साहस और सेना के पराक्रम को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें समर्पित करते हुए इस बार माता रानी का पंडाल सजाया है। शक्ति की उपासना के यह नौ दिनों में भारत की बेटियों और मातृ शक्ति के पराक्रम को इस बार माता रानी की झांकी के रूप में दर्शाया गया है । समिति द्वारा एक ट्रक का निर्माण किया गया है जो मिलेट्री कलर में हे वही इस के ऊपर हाथो में अखंड भारत का भगवा ध्वज और शस्त्र हाथों में लिए शेर पर सवार माँ दुर्गा , भारत माता के रूप में भगवा साफ़ा पहने विराजी हे वही माता जी के ठीक पीछे आत्मनिर्भर भारत का परिचय देता हुई भारत के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित ब्रह्मोस मिसाई बनाई हे जो माताजी की दोनों भुजाओ तरफ़ से उनके ऊपर उस ट्रक वाहन पर लगे हाइड्रोलिक स्टेण्ड पर कसी हे इस की ख़ास बात यह हे की वाहन और मिसाईल स्टेड को हूँबहूँ इस तैयार किया गया हे की दूर से वास्तविकता ही नज़र आ रही हे वही ऊपर नीला आसमान और मिसाइल के पीछे लाल क़िला जिस पर तिरंगा लहराता हुआ और उसके ठीक ऊपर आठ मिसाईलो से लेस राफेल विमान जो भारत की वायुसेना की ताकत बया करता उड़ता दिखाई दे रहा हे वही माताजी जिस ट्रक पर विराजी हे उसके दोनों और कारगिल युद्ध में दुश्मन के छके छुड़ाने वाली बोफोर्स तोप बनाई हे यह पूरा पंडाल भारत माता कि ताकत को दर्शाता हुआ ऐसा बनाया गया हे जो आदिशक्ति की ताकत बया करता दिख रहा हे । श्री दुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र एक ऐसा नाम हे जो नगर की दुर्गा उत्सव मनाने वाली समितियों में संस्थापक समिति के रूप में जाना जाता हे नगर में दुर्गा उत्सव की शुरुआत इस समिति के संस्थापक सदस्य पूर्व विधायक स्व बद्रीनारायण अग्रवाल , स्व स्तनारायण कोशल ,स्व हाजी सफी बाबा, स्व संभर सिह चोहान व उनके साथियों द्वारा वर्ष 1958 में कि गईं थीं । समय के साथ साथ इसके संस्थापक सदस्यो का प्र मातारानी के चरणों में विलय हो गया और अब नए सदस्य उनकी इस संस्था को सहेज रहे हे । जिसको संगठित कर चलने का कार्य पूर्व विधायक स्व बद्रीनारायण के पुत्र राजू ( प्रवीण) अग्रवाल कर रहे हे यह नगर की एसी समिति हे जिसका कोई अध्यक्ष नहीं यहाँ सब बराबर हे और समिति सदस्यों के लिय मातारानी की भक्ति ही सब कुछ हे । समिति का यह 68 वा वर्ष हे अपने बडते समय के साथ साथ आयोजन बनाने के तरीको में भी भव्यता आ रही है | सावन माह से ही कुवार माह में मनाय जाने वाले इस आयोजन की तैयारी देखा जाय तो करीब 90 दिन तीन माह पूर्व से ही चालु हो जाती है | और इस कार्य में समिति लगभत एक सैकड़ा सदस्य अपने दैनिक जीवन के साथ इस आयोजन की तैयारी में लग जाते है जो सदस्य जिस कार्य में माहिती रखता है वो खुद उस कार्य के लिए तैयार रहता है |. अभी तक़ इस संस्था द्वारा माता रानी के भव्य पंडाल महल , मंदिर स्वरूप में थरमाकोल , पी ओ पी वर्क से मनाय कभी महाभारत कालीन नकासी , कभी दक्षिण भारत. के मन्दिरो का स्वरूप स्वर्ण , रजत , ताम्र, संगमरमर के मंदिरो के स्वरूप को यहाँ बड़ी खुबी से दिखाया गया है | राजू अग्रवाल ने बताया की इस वर्ष मंदिरो और महलो के स्वरूप से हटकर माँ भारती के स्वरूप को लेकर अखंड भारत की कल्पना के साथ संघ के शताब्दी वर्ष में नमस्ते सदा वत सले मातृ भूमे , त्वया हिन्दू भूमे सुखम वर्दी तो हम क़ी कल्पना के साथ शक्ति की उपासना में भारत माँ के शक्ति रूप को उनके शस्त्रों के साथ सजाया स्थापित माँ दुर्गा जी की प्रतिमा को माँ भारती का स्वरूप प्रदान किया गया है
जो कि पहलगाम में हुये आतंकबादी हमले में धर्म पूछ कर केवल हिन्दुओ को मौत के घाट उतारा गया था। जिसका प्रतिषोध भारतीय सेना ने आप्रेसन सिंदूर के तहत
देस की वीरांगनाओ को भेज कर लिया था।इस वर्ष का नवरात्र उत्सव भारतीय सेना और उन वीर जवानों के अदम्य साहस और
पराक्रम को सादर समर्पित है ।माताजी माँ भारती के स्वरूप में सेना के ब्रह्मोस मिसाइल लांचर ट्रक पर सवार है जो दो ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। पीछे की ओर लाल किला की प्राचीर पर तिरंगा लहरा रहा है वही पीछे लाल किले के उप्पर राफेल जेट 8 मिसाइल के साथ उड़ान भरता हुआ दिखाई दे रहा है वही ट्रक के दोनों ओर दो बोफोर्स तोप दिखाई गई है जो माता जी के ट्रक को सुरक्छा प्रदान करता दिखई देते हैं।इस झांकी को वनाने का उद्देश्य हैकी जब जब सनातन पर कोई आसुरी सकती ने हाथ बढ़ाया है तब तब माँ दुर्गा ही चंडी बनकर उन देश धर्म और समाज के दुश्मनो का अंत करने आई है।आज भी भारतीय नारी जरूरत पड़ने पर दुर्गा बन सकती है।

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