*ज्ञानवान पुरुष ही विनयवान होता है -: साध्वी प्रज्ञा श्री जी* *हमें शिकायत का नहीं, समाधान का जीवन जीना चाहिए:- साध्वी प्रेक्षा श्री जी*

ज्ञानवान पुरुष ही विनयवान होता है -: साध्वी प्रज्ञा श्री जी
हमें शिकायत का नहीं, समाधान का जीवन जीना चाहिए:- साध्वी प्रेक्षा श्री जी

रिपोर्ट:,यश पांडे
खिरकिया:-दिनांक 30/08/2025 दिन शनिवार को समता भवन में विराजित आचार्य श्री रामलाल जी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती शासन दीपिका श्री प्रज्ञा श्री जी महाराज साहब ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि-धर्म दो प्रकार के होते हैं श्रुत धर्म और चारित्र धर्म। जहां अहिंसा है ,वहां धर्म है और जहां हिंसा है वहां धर्म हो ही नहीं सकता। अहिंसामय धर्म संसार -सागर से तिराने वाला है ,जबकि हिंसामय धर्म संसार परिभ्रमण करने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि- निरंतर स्वाध्याय करने से ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय होता है। ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय होने से बुद्धि कुशाग्र बनती है। निरंतर स्वाध्याय करने से ही जीवन का कल्याण होगा। ज्ञान नहीं है तो तत्वों का निश्चय नहीं किया जा सकता ।ज्ञानवान पुरुष ही विनयवान होता है। ज्ञान के अभाव में व्यक्ति के जीवन में विनय नहीं आता है। ज्ञानी से ज्ञानी मिलने पर संवाद होता है और अज्ञानी से अज्ञानी मिलने पर विवाद होता है। ज्ञान के दो कार्य हैं सावधान रहना और समाधान करना।


इसके पूर्व श्री प्रेक्षा श्री जी महाराज साहब ने कहा कि- सम्यक दृष्टि जीव का जीवन समर्पणा से ओत -प्रोत रहता है ,उसको किसी से कोई शिकायत नहीं रहती है। सम्यक दृष्टि जीव सभी के दिल पर राज करता है। हर दिल पर राज करने का एक ही तरीका है वह है हमारे भीतर करुणा और वात्सल्य के भाव आ जाएं ।उन्होंने आगे कहा कि -सामायिक करने से व्यक्ति के जीवन में आमूल -चूल परिवर्तन हो सकता है । सामायिक करने से ही सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। हमें शिकायत का नहीं, समाधान का जीवन जीना चाहिए। इस अवसर पर श्रावक -श्राविकाएं और श्रृद्धाशील गुरु भक्त उपस्थित थे। धर्म सभा का संचालन आशीष समदडिया ने किया।
महासतीयाजी के दर्शन सानिध्य का लाभ लेने मुंबई से पधारे शासन दीपिका प्रज्ञा श्री जी एवं प्रेक्षा श्री जी महाराज साहब के सांसारिक भतीजे हेमन्त,भतीजा बहु तरुणा बच्चे प्रिशा एवं प्रीत कोठारी उपस्थित रहे।साथ ही प्रिशा ने म.सा. से मुबंई की और पधारने की विनती की आपके पधारने से हम भी संयम के मार्ग के मार्ग की और बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जावेगी।हेमंत कोठारी ने कहा खिरकिया संघ के सदस्यों की अनमोल सेवाएं अतुल्यनीय है,अनुकरणीय है।
प्रभावना के लाभार्थी रोशनलाल हेमंत कोठारी मुंबई रहे।
म.सा.के मुखारविंद से प्रतीक्षा श्री जी म.सा.की सांसारिक भतीजी कुमारी वर्तिका पंकज भंडारी ने 6 उपवास के पचखान ग्रहण कर दृढ़ मनोवल का परिचय दिया।




