धर्म
*हमे ज्ञानवान,विनयवान बनना है :- साध्वी प्रज्ञा श्री जी* *अनिकेत भाऊ एवं रूपेश भंडारी ने की गर्म जल पर रहकर तपस्या* *मिथ्यात्व मोक्ष मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है:- साध्वी प्रेक्षा श्री जी*

हमे ज्ञानवान,विनयवान बनना है :- साध्वी प्रज्ञा श्री जी।
अनिकेत भाऊ एवं रूपेश भंडारी ने की गर्म जल पर रहकर तपस्या।
मिथ्यात्व मोक्ष मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है:- साध्वी प्रेक्षा श्री जी।
रिपोर्ट:,यश पांडे

खिरकिया:-दिनांक 19/08/2025 दिन मंगलवार को समता भवन में विराजित आचार्य श्री रामलाल जी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती शासन दीपिका श्री प्रज्ञा श्री जी महाराज साहब ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि- अहंकार व्यक्ति को झुकने नहीं देता है। जबकि नम्रता, सरलता से पत्थर जैसा दिल भी पिघल जाता है ।अहंकार से व्यक्ति का विनाश ही होता है। नम्रता से व्यक्ति ऊंचाइयों को छू जाता है ।नम्रता वही होती है जिसके पास ज्ञान होता है। हमें ज्ञानवान ,विनयवान बनना है।
इसके पूर्व श्री प्रेक्षा श्री जी महाराज साहब ने कहा कि -मिथ्यात्व मोक्ष मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है ।मिथ्या दृष्टि व्यक्ति के निरंतर संपर्क में रहने से सम्यक दृष्टि का सम्यक दर्शन नष्ट हो जाता है। सम्यक दृष्टि व्यक्ति उन्मुक्त नदी के समान होता है ।जबकि मिथ्या दृष्टि व्यक्ति निमग्न नदी के समान होता है। इस अवसर पर महासतिया जी के मुखारविंद से धर्मसभा में 8 उपवास के पचखान अनिकेत भाऊ मोहिते ने ग्रहण किए एक माह पूर्व भी आपने 6 उपवास कर चुके है। साथ ही स्वाध्यायी रूपेश भंडारी ने 7 उपवास में 1और मिलाकर 8 उपवास के पचखान ग्रहण कर दृढ़ मनोवल का परिचय दिया।श्रावक -श्राविकाएं एवं श्रद्धाशील गुरु भक्त उपस्थित थे। धर्म सभा का संचालन आशीष समदडिया ने किया।

रूपेश भंडारी





