रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय खिरकिया उपसेवाकेंद्र के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रिपोर्ट:यश पांडे
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आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़े हुए एवं सहयोगी भाई -बहनों की उपस्थिति रही ।इस कार्यक्रम में हरदा सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के किरण दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन सभी पर्वों में एक अनोखा पर्व ही नहीं अपितु भारत की संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाला अनेक आध्यात्मिक रहस्य को प्रकाशित करने वाला और भाई-बहन के स्नेह भरे रिश्तों की स्मृति दिलाने वाला एक परमात्म उपहार है।बी.के राजेश भाई साहब ने रक्षाबंधन का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान समय मानवता भय के साए में जी रहे है। तन की, धन की ,धर्म की ,संबंधों की सुरक्षा का प्रश्न सभी के मन में मथ रहा है। ऐसे में परमपिता शिव की ओर से रक्षा कवच के रूप में प्रदान किया जाने वाला यह रक्षा सूत्र ईश्वरीय वरदान ही है। हम सभी आत्माओं के पिता परमपिता शिव परमात्मा ही है। स्त्री चोले या पुरुष चोले के आधार पर उनको कोई भेद नहीं है। इसलिए नर -नारी दोनों ही इस सूत्र को स्नेह से स्वीकार कर सकते हैं ।खिरकिया उपसेवा केंद्र प्रभारी बी.के उषा बहन ने बताया कि यह पर्व हम सभी को प्रेरणा देता है कि हम अपने मन को ज्ञान,पवित्रता शांति, प्रेम, खुशी ,आनंद और शक्ति के सप्त रंगों से रंग ले तथा इन गुणों की खुशबू से प्रकृति सहित संपूर्ण विश्व को महका दें तथा कार्यक्रम में पधारे हुए सभी भाई -बहनों का दिल से आभार व्यक्त किये।बी.के रेवा बहन एवं बी.के शीतल बहन ने सभी को परमात्म उपहार ,प्रभु प्रसाद वितरित किए तथा सभी ब्रह्माकुमारी बहनों ने मिलकर सभी भाई -बहनों को रक्षा सूत्र भी बांधे।