*आयुष विभाग द्वारा हरदा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया*.. *डॉ. प्रियंका मीणा ने महिलाओं की समस्या मौसम में अपच और अन्य बीमारियों को लेकर सभी को जागरूक किया*… *निःशुल्क ओषधि वितरण की*


बारिश का मौसम कई बीमारियां लाता है अतिसार,अपच , डेंगू और एसीडीटी जैसी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी देने के लिए तथा इनसे बचने के उपाय बताने के लिए तथा पाचन संबंधी विकारों को दूर करने के लिए आज आयुष विंग हरदा आयुष विभाग द्वारा टंकी मोहल्ला वार्ड 1की आंगनवाड़ी क्रमांक 2 में डॉ प्रियंका मीणा वर्मा द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारियां, बरसात में आयुर्वेदिक ऋतुचार्य को अपनाने के लिए सलाह दी गई तथा निशुल्क औषधि वितरण किया गया डॉक्टर प्रियंका मीणा ने महिलाओं को आयुर्वेद के अनुसार बरसात के मौसम में अपच, एसिडिटी से बचने के लिए उपायों में भूख से थोड़ा कम भोजन करने, प्रतिदिन शहद का प्रयोग करने ,पानी को उबालकर पीने, दोपहर में न सोने, बरसात के मौसम मे दही का अधीक प्रयोग न करने की सलाह दी तथा आम जन को आयुर्वेद अपने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ प्रियंका मीणा ने बताया कि आयुर्वेद में कहा गया है की “यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे यथा ब्रह्मांडे यथा पिंडे “के अनुसार जिस तरह बरसात के मौसम में आग जलाना मुश्किल होता है इस तरह बरसात के मौसम में हमारी दुर्बल पंचक अग्नि के द्वारा आहार का पाचन करना भी मुश्किल होता है, इसलिए सुपाच्य हल्का भोजन करना चाहिए । अधिक मात्रा में खाना खाने से बचना चाहिए, दही जैसा गरिष्ठ कफ बढ़ाने वाले आहार नहीं लेना चाहिए,दिन में खाना खाते से ही नहीं सोना चाहिए, वर्षा ऋतु में पंचक अग्नि की रक्षा के लिए गर्म जल ही पीना चाहिए ,हो सके तो प्रतिदिन एक से डेढ़ चम्मच शहद का उपयोग जरूर करें ,सत्तू का प्रयोग ना करें ।छोटे-छोटे आयुर्वेदिक नियमों को मानकर हम वर्षा ऋतु में होने वाली बड़ी-बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं यही आयुर्वेद का मूल लक्ष्य है।




