*पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी नए संगठन सर्जन अभियान के तहत रायशुमारी करके नए जिला अध्यक्ष बनाने की ओर आगे बढ़ रही है*.. *वही एक जिला हमारा है जिला हरदा यहां अध्यक्ष के दर्जनों दावेदार हैं लेकिन जिनका दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है वह नाम है राजेश पटेल गोयत।*









पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी नए संगठन सर्जन अभियान के तहत रायशुमारी करके नए जिला अध्यक्ष बनाने की ओर आगे बढ़ रही है वही एक जिला हमारा है जिला हरदा यहां अध्यक्ष के दर्जनों दावेदार हैं लेकिन जिनका दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है वह नाम है राजेश पटेल गोयत।

क्योंकि जो दावेदार बाकी है वह भी मजबूत है जमीनी है और सक्रिय इसीलिए तो कांग्रेस ने दोनों सीट निकाली है हरदा जिला से राजेश पटेल गोयत का दावा इसलिए मजबूत है क्योंकि वह युवा है और जितने भी दावेदार हैं उनमें वह सबसे ज्यादा युवा है और कांग्रेस के कई पदों पर रह चुके है जनपद सदस्य रहे हैं उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रही हैं लगातार कई वर्षों से सक्रिय हैं जमीनी कार्यकर्ता है।।
अगर कांग्रेस पार्टी हरदा जिले में परिवर्तन करना चाहती है तो उसकी पहली पसंद राजेश पटेल हो सकते हैं युवा है और कांग्रेस पार्टी वर्तमान में जिस दल बदल के दलदल में फसी हुई है उस दलदल को राजेश पटेल गोयत ने 2003 में ही लात मार दी थी जब उन्हें जनपद अध्यक्ष का पद पार्टी छोड़कर आने पर ऑफर किया गया था ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ रहना पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर अधिक अध्यक्ष का चुनाव लड़ना स्वीकार किया और पार्टी बदलकर पद अध्यक्ष ठोकर मार कर आगे बढ़ गए और आज तक एक सकरी कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए आम कार्यकर्ता के लिए हमेशा आपको खड़े मिलेंगे जैसा उनके साथी हमेशा कहते हैं और मैं अपनी आंखों से जो देखा है।
जो मुख्य दावेदार हैं लक्ष्मीनारायण पंवार और वर्तमान जिला अध्यक्ष ओम पटेल साहब यह जब जिला अध्यक्ष बने तो उसे तीन नाम के पैनल में एक नाम राजेश पटेल गोयत का था और 10 साल से वह लगातार पार्टी की कार्यकर्ताओं की उम्मीद के बोझ को बिना पद के लिए अध्यक्ष के रूप में पद में ढो हो रहे हैं इसलिए पार्टी यह भी सोच सकती है की सबको मौका दिया गया है तो 10 साल से जो व्यक्ति तीन नाम के पैनल में था उसे इस बार मौका दिए जा सकता है क्योंकि हर बार बाहर करना भी मुमकिन नहीं होता है और 10 साल का रिकॉर्ड भी देखा जाता है जब कौन व्यक्ति दावेदार था नहीं बनाया गया तो क्या पार्टी के खिलाफ काम किया पार्टी के प्रत्याशी के विरुद्ध काम किया पार्टी के अहित में काम किया या फिर निराश न होकर लगातार पार्टी के हित में अपना तन मन धन समर्पित किया यह भी एक बड़ा पक्ष है जो राजेश पटेल गोयत के पक्ष में जा सकता है ।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के संघर्ष के चुनिंदा साथियों में से राजेश पटेल गोयत है है और वह लगातार उनके साथ उनके संघर्ष में पाव पाव के साथ ही रहे हैं यह भी राजेश पटेल गोयत के पक्ष में माहौल बनाता है
मैंने कई बार देखा और सुना है जब पूर्व अध्यक्षों से जीतू पटवारी जी ने राजेश पटेल जी को मौका देने का आग्रह किया था जबकि इस बार वह खुद प्रदेश अध्यक्ष इसलिए भी दावा मजबूत बनता है।
हरदा के दोनों विधायक से भी उनका रिश्ता अन्य प्रत्याशियों से कई गुना मजबूत है हरदा विधायक वर्तमान में उनके समर्थन में कह सकते हैं खुल के नजर आ रहे हैं क्योंकि चुनाव के बाद जो मनमुटाव नजर आया उसमें बहुत से लोग दूर हो गए लेकिन राजेश पटेल गोयत हरदा विधायक के साथ साये की तरह चलते रहे।
यह पक्ष भी उनके मजबूत नजर आता है।
मेरी नजर में एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसके लिए पार्टी मां के समान है पार्टी धर्म भगवान के समान मानकर कल लगातार कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं 2013 में उनका विधायक का टिकट लगभग पक्का हो चुका था टिकट कटा लेकिन पार्टी का विरोध नहीं किया पार्टी प्रत्याशी की तरह ही काम किया 2003 में जनपद अध्यक्ष का पद ठुकरा दिया लेकिन पार्टी का साथ नहीं छोड़ा पिछले 10 साल से वह विधायक के टिकट और जिला अध्यक्ष के तीन नाम के पैनल में हमेशा मौजूद रहे जिला अध्यक्ष नहीं बने लेकिन कभी पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया जो व्यक्ति जिला अध्यक्ष बना उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को लगातार मजबूत करने का कार्य किया पार्टी में कभी फूट नहीं डाली चुनाव के समय कभी विधानसभा से बाहर समय व्यतीत नहीं किया 24 घंटे पार्टी के लिए तन मन और धन लगाया है पिछले 25 वर्षों में पार्टी को जितना तन मन और धन से सींचा है शायद किसी व्यक्ति ने कितनी ईमानदारी से पार्टी के लिए कार्य किया होगा तनिक मन में कभी भी पार्टी विरोधी सोच को जन्म लेने ही नहीं दिया इसलिए कांग्रेस पार्टी के पास भी मौका है ऐसे व्यक्ति को मौका देकर पार्टी हित को सुरक्षित करें और लगातार उपेक्षित हो रहे व्यक्ति को मौका देकर उसके पार्टी प्रेम सिद्धांत और विचारधारा का लाभ पार्टी को भविष्य में हरदा में सुरक्षित स्थान उपलब्ध करा सकता है आगे निर्णय पार्टी को लेना है लेकिन वह दौड़ में अभी बहुत आगे नजर आते हैं।









