*गुरु सिंघ सभा खिरकिया के द्वारा वैसाखी का पर्व अत्यंत ही उत्साह पूर्वक मनाया गया*… ..*समाज द्वार गुरु के अटूट लंगर का आयोजन हुआ*









गुरु सिंघ सभा खिरकिया के द्वारा वैसाखी का पर्व अत्यंत ही उत्साह पूर्वक मनाया गया….
रिपोर्ट:,यश पांडे

इस निम्मित 11/4/25 को श्री अखंड पाठ साहिब जी की आरम्भता हुयी.. 13/4/25 रविवार को सुबह 10:30 बजे जिसकी सम्पूर्ण समाप्ति हुयी, उसके बाद ज्ञानी मोहकम सिंघ जी ने शबद कीर्तन का जसगान किया.. तथा वैसाखी क्यों मनाई जाती है यह कथा के माध्यम से बताया.. तत्पश्चात सभी के स्वस्थ, मंगलमय, निरोगी जीवन तथा कल्याण हेतु अरदास की गयी.. उसके बाद गुरु का अटूट लंगर हुआ.. जिसमे समाज के अलावा अन्य लोगों ने भी लंगर छका…
गुरु सिंघ सभा के द्वारा अपनी समाज के बुजुर्गों का सम्मान किया जिसमे इन्दर सिंघ होरा, जगदीश लाल राजपाल, महेंद्र सिंघ दुआ, मंजीत सिंघ सचदेवा, रघुवीर सिंघ भाटिया एवं इक़बाल सिंघ भाटिया शामिल है.. समाज के ही मदनलाल दुआ एवं माता शानी रानी सलूजा जो की अस्वस्थता के चलते गुरूद्वारा नहीं आ पाते उनका सम्मान उनके घर जाकर गुरुसिंघ सभा के सदस्यों द्वारा जाकर किया गया एवं उन्हें वैसाखी की बधाई दी.. गुरु सिंघ सभा द्वारा नगर परिषद् अध्यक्ष इंदरजीत कौर एवं पार्षद नेहा दुआ का तथा मुक्तिधाम समिति के बंटी सलूजा का भी सम्मान किया गया..
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष सरदार हरभजन सिंघ भाटिया ने सभी को वैसाखी की बधाई देते हुए बताया कि आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंघ जी ने 1699 में आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ कि स्थापना की थी.. कार्यक्रम का संचालन अजीत सिंघ राजपाल ने किया..







