धर्म

*खिरकिया। विश्व शांति एवं आत्म कल्याण भावना से विश्व के 108 देशों के साथ बुधवार को खिरकिया में भी नवकार महामंत्र गूंजा।* *सर्व समाज के धर्मावलंबी नवकार जाप में हुए शामिल।*

 

 

*खिरकिया। विश्व शांति एवं आत्म कल्याण भावना से विश्व के 108 देशों के साथ बुधवार को खिरकिया में भी नवकार महामंत्र गूंजा।*

*सर्व समाज के धर्मावलंबी नवकार जाप में हुए शामिल।*

रिपोर्ट:,यश पांडे

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*शहरवासियों ने सुबह एक साथ सर्व कल्याणकारी एवं मंगलकारी नवकार महामंत्र की सामूहिक आराधना की। जीतो के तत्वावधान में विश्व नवकार दिवस मनाने के आह्वान पर खिरकिया में सकल जैन समाज की ओर से यह आयोजन श्वेतांबर जैन मांगलिक भवन में आयोजित हुआ।सुबह 8.01 बजे से 9.36 बजे तक आयोजित हुए नवकार महामंत्र जाप में जैन धर्मावलंबियों सहित सर्व समाज के लोग पहुंचे। नवकार महामंत्र आराधना के दौरान जैन साध्वी प्रियंका श्रीजी मसा ने कहा कि नवकार महामंत्र वह चिंतामणि रत्न है, जो इसे परख ले, तो वह भगवान बन सकता है।उन्होंने बताया कि इस मंत्र में समस्त भगवानों का नमस्कार है। यह नवकार मंत्र व्यक्तिवाचक नहीं होकर गुणवाचक है। इसमें न भगवान महावीर का नाम है न ऋषभदेव का नाम है। न कोई अन्य महापुरुषों का नाम है,इसमें गुणों को नमस्कार किया गया है।जो चार कर्मों के विजेता है, वह अरिहंत है। जो आठ कर्मों के विजेता है, वह सिद्ध है। इस प्रकार पांचो पदों को नमस्कार किया गया है।संसार में सुख नहीं और मन में शांति नहीं है तो नवकार का स्मरण करें दोनों चीज प्राप्त हो जाएगी।उन्होंने कई कथानकों के माध्यम से नवकार मंत्र की महत्ता बताई,कि नवकार के स्मरण से सूली भी सिंहासन बन गई थी। नाग फूलों की माला के रूप में परिवर्तित हो गया था। साथ ही सियोन रे इंटरनेशनल स्कूल, सूर्योदय ग्लोबल अकैडमी एवं लिटिल लीडर्स इंटरनेशनल स्कूल में भी सैकड़ों बच्चों के साथ स्कूल संचालकों एवं शिक्षक – शिक्षिकाओं ने भी नवकार महामंत्र का जाप कर सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की।उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में दुनिया के 108 से अधिक देशों में और भारत में 6 हजार से अधिक स्थानों पर करोड़ों लोगों द्वारा एक साथ नवकार महामंत्र की आराधना की गई।दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। उन्होंने जैन तीर्थंकरों सहित भारत में जैन समाज के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए इसे सब जगह फैलाने की बात कही।*

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