*प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज की लंबाई-चौड़ाई पर उठा सवाल, खिरकिया में व्यापारियों-नागरिकों की बैठक*…. *रेल ओवरब्रिज के स्थान और आकार को लेकर खिरकिया में विरोध, जन संघर्ष समिति की बैठक सम्पन्न*….. *विशालकाय आरओबी प्रस्ताव पर शहर में नाराज़गी, आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी*…… *खिरकिया में प्रस्तावित ओवरब्रिज पर मंथन, आमसभा और बाजार बंद तक जा सकता है आंदोलन*…. …… *ओवरब्रिज निर्माण का विरोध नहीं, लेकिन स्थान और लंबाई-चौड़ाई पर उठी आपत्ति*…….

<strong>प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज की लंबाई-चौड़ाई व स्थान को लेकर शहरवासियों में नाराज़गी, जन संघर्ष समिति की बैठक में आपत्ति दर्ज कराने का निर्णय
रिपोर्ट:यश पांडे


खिरकिया। खिरकिया में प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की लंबाई-चौड़ाई और स्थान को लेकर शहर के व्यापारियों एवं नागरिकों में असंतोष दिखाई दे रहा है। इस संबंध में खिरकिया जन संघर्ष समिति की एक बैठक माहेश्वरी भवन में आयोजित की गई, जिसमें शहर के व्यापारी, नागरिक और कई प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित लोगों ने रेलवे द्वारा प्रस्तावित ओवरब्रिज की लंबाई और चौड़ाई पर रोष व्यक्त करते हुए इसे अनावश्यक रूप से विशाल बताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े ओवरब्रिज के निर्माण से शहर के स्वरूप और व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
बैठक में बताया गया कि रेल ओवरब्रिज निर्माण को लेकर धारा-4 के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद आपत्ति दर्ज कराने के लिए विचार-विमर्श आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
समिति के सचिव एडवोकेट मनीष (मोनू) तिवारी ने कहा कि समिति ओवरब्रिज के निर्माण का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि इसके स्थान और अतिरिक्त लंबाई-चौड़ाई को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करना चाहती है, ताकि शहर की संरचना और व्यापारिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो प्रारंभिक रूप से आमसभा, बाजार बंद और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनों का सहारा लिया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन, चम्पालाल भंडारी, प्रवीण अग्रवाल, आनंद सोनी, महेंद्र सिंह खनूजा, विक्रम नागड़ा, दिनेश अग्रवाल, अनिल दरबार, गिरिराज माहेश्वरी, गुड्डू अग्रवाल, हेमराज प्रजापत, राकेश पाराशर, शैलेन्द्र बोरसे, नीरज चंद्रवंशी, शिवनारायण रज्जी चंद्रवंशी, लालू चंद्रवंशी, राजेश मेहता, विराज नागड़ा, रितेश कोचर, विजय कोचर, विजय सेठी, निलेश जैन, निलेश तापड़िया, श्याम मालू, सत्यम श्रीवास, राजू गुप्ता, देवेंद्र दरबार, रितेश मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रभावित नागरिक उपस्थित थे।




