*महिला दिवस पर ब्रह्माकुमारी रेवा बहन का संदेश नारी सशक्त तो परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त*…… *महिला दिवस पर आध्यात्मिक संदेश: नारी को आत्मबल और आत्मसम्मान पहचानने की जरूरत* ….. *ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस कार्यक्रम, नारी सम्मान का दिलाया संकल्प*….. *नारी शक्ति पर हुआ चिंतन: बेड़ियांकला में महिला दिवस पर प्रेरक कार्यक्रम*


ग्राम बेड़ियांकला में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम, ब्रह्माकुमारी रेवा बहन ने बताया नारी सृष्टि की आधार शक्ति
रिपोर्ट:यश पांडे


खिरकिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय खिरकिया द्वारा ग्राम बेड़ियांकला में रविवार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मबल, संस्कार और आध्यात्मिक शक्ति के महत्व के बारे में प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी रेवा बहन ने कहा कि नारी सृष्टि की आधार शक्ति है। नारी केवल एक शरीर नहीं, बल्कि शक्ति स्वरूपा है। वह मां, बहन, बेटी, गुरु और संस्कारों की निर्माता है। जब नारी सशक्त होती है तो परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनते हैं।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ऐसी आध्यात्मिक संस्था है, जहां बहनों ने विश्वभर में आध्यात्मिक सेवाओं का संचालन कर यह सिद्ध किया है कि जब नारी आत्मबल से भरपूर होती है तो वह विश्व परिवर्तन का आधार बन सकती है।
रेवा बहन ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि नारी स्वयं को कभी कमजोर न समझे, बल्कि अपने आत्मसम्मान को पहचाने। क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों से मुक्त होकर दिव्य गुणों को अपनाएं तथा शिक्षा, सेवा और साधना के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि आज की नारी को घर और बाहर दोनों क्षेत्रों में दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे समय में उसे आत्मविश्वास, धैर्य और सहनशक्ति की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम के अंत में महिला दिवस के अवसर पर सभी को संकल्प दिलाया गया कि हम हर नारी का सम्मान करेंगे, बेटियों को संस्कार और शिक्षा देंगे तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मबल से संपन्न बनाने में सहयोग करेंगे।




