*फाल्गुनी चातुर्मास पर्व पर प्रवचन का आयोजन खिरकिया समता भवन में स्वाध्यायी बंधुओं द्वारा किया गया*….. *प्राश्चित से जीवन निर्माण – पंकज कटारिया*…. *मनुष्य जन्म की दुर्लभता – सुमित मूणत*


फाल्गुनी चातुर्मास पर्व पर प्रवचन का आयोजन खिरकिया समता भवन में स्वाध्यायी बंधुओं द्वारा किया गया।
प्राश्चित से जीवन निर्माण – पंकज कटारिया
मनुष्य जन्म की दुर्लभता – सुमित मूणत

खिरकिया:- श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ के तत्वाधान में समता प्रचार संघ द्वारा फाल्गुनी चातुर्मासिक पर्व पर धर्म आराधना साधना स्वयं करने एवं श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ के सदस्यों को करवाने रतलाम से पंकज कटारिया,सुमित मूणत एवं अक्षय बाफना के सानिध्य में 2 तारीख दिन सोमवार को सुबह 5:45 बजे राई प्रतिक्रमण,7 बजे प्रार्थना ततपश्चात 9 बजे प्रवचन में जिनवाणी के रूप में सुमित मूणत ने बताया कि मनुष्य जन्म,आर्य क्षेत्र, भगवान की वाणी सुनने आदि का सुअवसर मिला है तो उसका सदुपयोग करना चाहिए।
तत्पश्चात पंकज कटारिया ने संबोधित करते हुए बताया कि जीव अजीव आदि सद्भाव पदार्थो को समझाते हुए पुण्य से ज्यादा संवर और निर्जरा को महत्वपूर्ण बताया। प्राश्चित और क्षमा भाव के द्वारा कर्म कटते हैं स्वाध्याय आदि के द्वारा धार्मिक चिंतन करने से कर्मों में घर्षण पैदा होते हे जिससे कर्म जलते हैं अतः हमे स्वाध्याय प्राश्चित और क्षमा भाव को जीवन में अपनाना चाहिए। दोपहर में प्रतिक्रमण पर विशेष ज्ञान चर्चा की गई जिसमें प्रतिक्रमण करने के उद्देश्य को बारीकी से समझाया गया।सामायिक प्रतिक्रमण से श्रावक जीवन के अंधकार को दूर करने का मूल मंत्र बताया गया।एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें उत्साह पूर्वक श्राविकाओं ने लाभ लिया। फाल्गुनी चातुर्मासिक पर्व का तप त्याग से लाभ लेने हेतु सभी को प्रेरणा की।
धर्म सभा में श्री संघ के श्रावक श्राविकाओं के अलावा इंदौर, कुंभराज,कालधड़, बोधबड,देवास आदि स्थानों श्रद्धालुओं ने भी जिनवाणी का लाभ लिया। यह जानकारी मोहन सोनी विजेंद्र राजपूत ने प्रदान की।




