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*वैवाहिक विवाद बना मौत का कारण, पति को मिला आजीवन कारावास*….. . *13 दिन बाद खुला हत्या का राज, पत्नी के कातिल पति को उम्रकैद*….. *रहटगांव हत्याकांड: अदालत का सख्त फैसला, आरोपी पति को उम्रभर की सजा* ….. *घर में बंद मिला पत्नी का शव, पति निकला कातिल कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद* ……. *कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी की ली जान, न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास*

रहटगांव: पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास

रिपोर्ट:यश पांडे

रहटगांव। थाना रहटगांव के अपराध क्रमांक 166/23, धारा 302 भादवि के तहत दर्ज पत्नी की हत्या के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

आज दिनांक 26/02/2026 को माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री निमिष राजा ने आरोपी कैलाश प्रधान को धारा 302 भादवि के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।

क्या था मामला?

ग्राम मोहनपुर, रहटगांव निवासी रामचरण पिता सखाराम ने 22/05/2023 को थाना रहटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19/05/2023 की शाम लगभग 8 बजे उन्होंने अपनी बहन किरण और जीजा कैलाश को गांव में घूमते देखा था। इसके बाद वे अपने कार्य में व्यस्त हो गए।

22/05/2023 की सुबह लगभग 8 बजे गांव के बंटी ने सूचना दी कि किरण के घर के दरवाजे पर ताला लगा है और अंदर से दुर्गंध आ रही है। मौके पर पहुंचकर रामचरण ने घर की छत से काबेलू हटाकर देखा तो उनकी बहन जमीन पर औंधी पड़ी थी और सिर से खून बहा हुआ था।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस ने जांच के दौरान 04/06/2023 को मृतका के पति कैलाश प्रधान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि पत्नी से विवाद होने पर उसने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद वह घर पर ताला लगाकर चाबी साथ लेकर फरार हो गया था।

विवेचना पूर्ण कर पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

महत्वपूर्ण भूमिका

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अति. लोक अभियोजक श्री विपिन सोनकर द्वारा की गई।
पुलिस की ओर से विवेचना एवं गिरफ्तारी में एसडीओपी आकांक्षा तलया, उप निरीक्षक मनोज उइके एवं उप निरीक्षक महेंद्र उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह फैसला घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों से जुड़े अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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