*साध परिवार ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी: माताजी की स्मृति में राजपूत प्रगति परिषद सहित कई संस्थाओं को दान*……… *(देखे वीडियो)* *माताजी की स्मृति में साध परिवार का सेवा संकल्प: राजपूत प्रगति परिषद सहित कई संस्थाओं को मिला सहयोग*……. *रिपोर्ट:यश पांडे*


माताजी की स्मृति में सेवा का संकल्प: आत्मशांति विधान में विभिन्न संस्थाओं को दान, समाज कल्याण का दिया संदेश
रिपोर्ट: यश पांडे
पाहनपाट। स्वर्गीय लक्ष्मी बाई साध (निकुम) के आत्मशांति विधान (ग्यारहवें) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में परिवारजनों ने सेवा, समर्पण और समाज कल्याण की मिसाल प्रस्तुत की। कार्यक्रम में पति श्री दल सिंह जी, सुपुत्र एवं राजपूत प्रगति परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुभाष सिंह साध तथा आनंद सिंह साध द्वारा माताजी की स्मृति में जीव कल्याण, जन कल्याण एवं समाज कल्याण के भावों को आत्मसात करते हुए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को दान राशि प्रदान की गई।
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इस अवसर पर राम जानकी मंदिर समिति पाहनपाट को 11,000 रुपये, श्री आत्मचिंतन धाम नर्मदा आश्रम पाहनपाट में मां नर्मदा जी की प्रतिमा, गुप्तेश्वर गौशाला समिति चारुवा को 5,100 रुपये, राजपूत प्रगति परिषद इंदौर को 11,000 रुपये सहित विभिन्न स्थानों की राजपूत परिषद एवं सामाजिक संगठनों—खिड़कियां, सिराली, हरदा, टिमरनी, छनेरा, पीथमपुर एवं हंडिया को 5,100 5,100 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई।



इसी क्रम में श्रीमती उमा साध एवं परिवार द्वारा श्री आत्मचिंतन धाम नर्मदा आश्रम में शिव परिवार की प्रतिमा दान की गई। वहीं स्वर्गीय हेमंत सिंह साध की स्मृति में उनके पिता श्री श्याम सिंह एवं माता सेवंती देवी (छिपाबड़, इंदौर) द्वारा 51,000 रुपये की राशि राम दरबार प्रतिमा हेतु प्रदान की गई।

इसके साथ ही स्वर्गीय राधेश्याम जी साध कानपुरा की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी शकुन बाई एवं पुत्रों द्वारा आत्मचिंतन धाम नर्मदा आश्रम के निर्माण कार्य में सहयोग दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों ने साध परिवार के इस पुनीत एवं अनुकरणीय कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। सुभाष सिंह साध एवं साध परिवार पाहनपाट इंदौर को इस सेवा भाव के लिए कोटिशः साधुवाद प्रेषित किया गया।




