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*नर्मदा परिक्रमा का भव्य समापन: 4 अप्रैल को गोयत में ऐतिहासिक भंडारा*,…. ….. *प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की राजेश पटेल गोयत से वीडियो कॉलिंग पर बात*… *500% आऊंगा बोले जीतू पटवारी*……. *(देखे वीडियो)*…. *4अप्रैल को हरदा आएंगे जीतू पटवारी*….*रिपोर्ट:यश पांडे*

नर्मदा परिक्रमा का भव्य समापन: 4 अप्रैल को गोयत में ऐतिहासिक भंडारा, 500% आऊंगा बोले जीतू पटवारी

रिपोर्ट: यश पांडे


हरदा।

पवित्र नर्मदा नदी की परिक्रमा पर निकले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश पटेल गोयत की यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रही है। 4 अप्रैल 2026 को ग्राम गोयत में इस ऐतिहासिक यात्रा का भव्य समापन होगा, जिसके उपलक्ष्य में विशाल भंडारा एवं प्रसादी का आयोजन किया जा रहा है।

आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, वहीं आयोजकों ने करीब 25 हजार लोगों की उपस्थिति का अनुमान जताया है।

राजेश पटेल गोयत ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य अवसर का लाभ लें और भंडारे में शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करें।

500 प्रतिशत आऊंगा” जीतू पटवारी का भरोसा

देखे वीडियो

कार्यक्रम को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से वीडियो कॉल पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्हें 4 अप्रैल को गोयत आने का न्योता दिया गया, जिस पर उन्होंने उत्साहपूर्वक जवाब दिया
500 प्रतिशत मैं जरूर आऊंगा।”

उनके इस बयान के बाद आयोजन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उत्साह और बढ़ गया है।

राजेश पटेल गोयत के परम मित्र सावन शर्मा ने बताया

9 दिसंबर से शुरू हुई थी यात्रा

जानकारी के अनुसार, राजेश पटेल गोयत ने 9 दिसंबर 2025 को अपने ही ग्राम गोयत स्थित नर्मदा तट से परिक्रमा यात्रा शुरू की थी, जो अब 4 अप्रैल 2026 को उसी स्थान पर पूर्ण होगी।

कार्यक्रम की जानकारी उनके सहयोगी सावन शर्मा ने देते हुए बताया कि यह आयोजन ऐतिहासिक स्वरूप ले सकता है।

बड़ी हस्तियों के आने की संभावना

इस भव्य आयोजन में कई प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें प्रमुख रूप से

दीपेंद्र सिंह हुड्डा (सांसद, रोहतक)

जयवर्धन सिंह (विधायक)

प्रियव्रत सिंह (पूर्व मंत्री)

संत सुदेश शांडिल्य महाराज

के साथ कई अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां शामिल हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, 4 अप्रैल को ग्राम गोयत में होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होने जा रहा है।

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