*सेवा को मिला सम्मान, समाज के सच्चे नायकों का हुआ अभिनंदन*….. *जन जागृति मंच ने किया समाज के कर्मयोगियों का सम्मान*….. *निस्वार्थ सेवा की मिसाल बने चिकित्सक और समाजसेवी, जन जागृति मंच ने किया सम्मानित*….. *सेवा, संवेदना और समर्पण का उत्सव बना ‘सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम*…… *जनसेवा के वास्तविक नायकों को मिला सामाजिक सम्मान*……. *जिन्होंने संकट में बचाई ज़िंदगियाँ, आज समाज ने उन्हें किया नमन*






सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता का प्रेरक उत्सव बना ‘सेवा का सम्मान’ कार्यक्रम
रिपोर्ट:यश पांडे
खिरकिया
जन जागृति मंच द्वारा आयोजित सेवा का सम्मान कार्यक्रम समाज के उन वास्तविक नायकों को समर्पित रहा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से जनसेवा को अपना धर्म माना। कार्यक्रम में तहसीलदार श्रीमती लबीना घाघरे ने कहा कि जन जागृति मंच ने यह सिद्ध किया है कि सामाजिक जागरूकता केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर कर्म और संवेदनशील पहल से उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, वेक्सीनेटरों और समाजसेवी संस्थाओं का सम्मान कर मंच समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ कर रहा है। कठिन परिस्थितियों में जब समाज भय और असमंजस से गुजर रहा था, तब चिकित्सक, वेक्सीनेटर और स्वयंसेवी संगठन प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। इन्हीं के प्रयासों से जनस्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ बनी रही और समाज में विश्वास कायम रहा।
श्रीमती घाघरे ने कहा कि प्रशासन तभी प्रभावी बनता है, जब उसे जागरूक और सहयोगी सामाजिक संस्थाओं का साथ मिलता है, और जन जागृति मंच इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।





मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच. पी. सिंह ने मंच की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से सेवा-भावी व्यक्तियों और संस्थाओं को सामाजिक पहचान मिलती है। उन्होंने भविष्य में भी मंच द्वारा समाजहित में प्रेरक कार्य किए जाने की अपेक्षा जताई।
सूर्योदय ग्लोबल एकेडमी की प्राचार्य श्रीमती सोनाली पारे ने कहा कि यह अवसर केवल सम्मान का नहीं, बल्कि कर्तव्य, करुणा और समाज-चेतना के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। जन जागृति मंच केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाली चेतना और संकट के समय मानवता के साथ खड़े रहने का साहस है।
स्वागत भाषण में मंच के संरक्षक सुनील जैन ने कहा कि भय और असुरक्षा के दौर में जन जागृति मंच ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि चिकित्सकों, वेक्सीनेटरों और समाजसेवी संस्थाओं की निस्वार्थ सेवा को सम्मान देकर सेवा को सामाजिक पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरी मानवता की जीत का उत्सव है।
कार्यक्रम का संचालन अजीतसिंह राजपाल ने किया तथा आभार प्रदर्शन दुर्गादास पाटिल ने किया। मंच के संयोजक पंकज सांड सहित अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
इन सेवा-भावी व्यक्तियों एवं संस्थाओं का हुआ सम्मान
चिकित्सक:
डॉ. बृजलाल बिश्नोई, डॉ. आर.के. विश्वकर्मा, डॉ. शमीम खान, डॉ. शैलेन्द्र ओरया, डॉ. उमेश शर्मा, डॉ. अखिलेश सिंह राजपूत, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ. अभिलाषा राजपूत, डॉ. नरेंद्र बांके, डॉ. शिवम पटेल, डॉ. शुभम जायसवाल, डॉ. प्रदीप पटेल, डॉ. राम सोनी, डॉ. आराधना पटेल, डॉ. मनोज जोशी।
वेक्सीनेटर्स:
स्व. प्रेमनारायण बोरसे (मरणोपरांत), अशोक देवराले, सतीश ठाकुर, रवि मीणा, सत्यनारायण माली, स्वतंत्र तिवारी।
संस्थाएं एवं समाजसेवी:
नेत्रदान हेतु तापड़िया परिवार, रक्तदान शिविर हेतु ठाकुरजी परिवार, पयाम-ए-इंसानियत फोरम, गुर्जर समाज, अन्नपूर्णा भोजन शाला परिवार, मेकलसुता सदन, नीलकंठ महादेव मंदिर समिति, नर्मदा आश्रम, गौसेवा के लिए राजा तिवारी, अस्थि विसर्जन हेतु पूनमचंद गुप्ता, देहदान अभियान की नेत्री श्रीमती संध्या बायवर, करणी सेना महिला मंडल।
कार्यक्रम की सफलता में जन जागृति मंच के राजेश मालू, शैलेन्द्र राय, निर्मल जैन, जय कुमार पटेल, श्याम तापड़िया, हरिओम टाले, विनय भंडारी, आलोक अग्रवाल, सुनील निलोसे, नर्मदेश मिश्रा, रीतेश मूंदड़ा सहित अनेक सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।










