*नर्मदा पुराण कथा में कलिकाल में दान के महत्व का वर्णन, श्रोता कर रहे मानसिक परिक्रमा* ……. *नर्मदा पुराण कथा के पांचवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोमुख धाम पहुंचे*

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*नर्मदा पुराण कथा में कलिकाल में दान के महत्व का वर्णन, श्रोता कर रहे मानसिक परिक्रमा*
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*नर्मदा पुराण कथा के पांचवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोमुख धाम पहुंचे*
खिरकिया।

नगर के प्राचीन एवं पावन गोमुख धाम में आयोजित नर्मदा पुराण कथा के माध्यम से कलिकाल में दान के विशेष महत्व एवं उसके दिव्य फल का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है। कथा में बताया गया कि मां नर्मदा के पावन तट पर किया गया प्रत्येक पुण्य कार्य सामान्य से कई गुना अधिक फल देने वाला होता है।
कथावाचक पंडित श्री मधुसूदन जी साकल्ले शुक्ला द्वारा मुखागिर बिंदु से प्रवाहित हो रही नर्मदा पुराण कथा के श्रवण से श्रद्धालु भावविभोर हैं। कथा के माध्यम से श्रोता न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से मां नर्मदा की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
नर्मदा पुराण कथा के पांचवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोमुख धाम पहुंचे। भक्ति भाव के साथ कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर पवित्र पीठ गोमुख धाम की ऐतिहासिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया।




