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*वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद स्व. रविंद्र सिंह सलूजा की पुण्य तिथि के अवसर पर अन्नपूर्णा भोजशाला में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया*……. *अन्नपूर्णा भोजशाला की सेवा के अद्भुत 9 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। यह संस्था आज उत्कृष्ट समाज सेवा की मिसाल बन चुकी है, जहाँ प्रतिदिन गरीब, बेसहारा एवं जरूरतमंद लोग सम्मानपूर्वक अन्न ग्रहण करते हैं*…. *रिपोर्ट:यश पांडे*

 

 

 

वरिष्ठ भाजपा नेता रविंद्र सिंह सलूजा की पुण्यतिथि पर अन्नपूर्णा भोजशाला में गरीबों को कराया गया भोजन

सेवा के अद्भुत 9 वर्ष पूर्ण, निःशुल्क भोजन सेवा अनवरत जारी

रिपोर्ट:यश पांडे

 

खिरकिया।
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद स्व. रविंद्र सिंह सलूजा की पुण्यतिथि के अवसर पर अन्नपूर्णा निःशुल्क भोजनशाला में गरीबों, बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनों ने अन्नपूर्णा भोजशाला द्वारा वर्षों से की जा रही निस्वार्थ समाजसेवा की मुक्तकंठ से सराहना की।

स्व. रविंद्र सिंह सलूजा के पुत्र राजा सलूजा ने बताया कि पिता की पुण्यतिथि पर परिवारजनों द्वारा अन्नपूर्णा भोजशाला में गरीबों को भोजन कराकर उनकी स्मृति को नमन किया गया। इस दौरान इंद्रजीत सलूजा सहित अन्य परिजनों ने भी वृद्ध एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा की।

उल्लेखनीय है कि स्व. रविंद्र सिंह सलूजा भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व पार्षद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक रहे। उनके सामाजिक कार्य, सरल स्वभाव और जनसेवा को नगर आज भी श्रद्धा के साथ स्मरण करता है। पुण्यतिथि पर सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सेवा के 9 वर्ष पूर्ण

अन्नपूर्णा निःशुल्क भोजनशाला ने सेवा के अद्भुत 9 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह भोजनशाला आज न केवल खिरकिया नगर, बल्कि पूरे क्षेत्र में समाजसेवा की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है। यहां प्रतिदिन गरीब, निराश्रित, निःशक्तजन एवं भिक्षुक निःशुल्क भोजन ग्रहण करते हैं।

2017 से अनवरत सेवा

प्यासे को पानी और भूखे को भोजन कराना भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च पुण्य माना गया है। इसी भावना को साकार करते हुए मकर संक्रांति 2017 से नवदुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र के बैनर तले अन्नपूर्णा निःशुल्क भोजनशाला की शुरुआत की गई थी। इस सेवा का शुभारंभ पूर्व विधायक स्व. बद्रीनारायण अग्रवाल के सुपुत्र, सेवाभावी समाजसेवी एवं सराफा व्यवसायी प्रवीण (राजू) अग्रवाल द्वारा किया गया।

प्रारंभ में यह सेवा व्यक्तिगत प्रयास से शुरू हुई थी, लेकिन आज इसमें अनेक सामाजिक संगठन, कार्यकर्ता एवं नगरवासी अपनी सामर्थ्य अनुसार सहभागिता निभा रहे हैं।

सेवा का केंद्र बनी अन्नपूर्णा भोजशाला

अन्नपूर्णा भोजनशाला अब नगरवासियों के लिए सेवा-भावना का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। लोग अपने जन्मदिवस, पुण्यतिथि, स्मरण दिवस अथवा धार्मिक अवसरों पर यहां पहुंचकर गरीबों को भोजन कराते हैं और उसका संपूर्ण व्यय स्वयं वहन करते हैं। इससे समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

प्रदेश में तीन स्थानों पर संचालित आश्रम एवं भोजनशालाएं

खिरकिया के अलावा प्रवीण अग्रवाल द्वारा प्रदेश के अन्य तीन स्थानों पर भी मां नर्मदा सेवा आश्रम एवं भोजनशालाओं का संचालन किया जा रहा है—

अमरकंटक–डिंडोरी मार्ग पर रत्ना गांव के समीप दक्षिण तट पर मां नर्मदा सेवा आश्रम

टाटपाथर, जिला अनूपपुर में उत्तर तट पर नर्मदा सेवा आश्रम

इन आश्रमों में नर्मदा परिक्रमावासियों, साधु-संतों एवं यात्रियों को निःशुल्क विश्राम एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

परोपकार ही सर्वोच्च धर्म — प्रवीण अग्रवाल

अन्नपूर्णा निःशुल्क भोजनशाला के प्रणेता प्रवीण (राजू) अग्रवाल का कहना है कि जब भी समय और सामर्थ्य मिले, दूसरों की सहायता अवश्य करनी चाहिए। परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है। मनुष्य का कर्तव्य है कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी जिए। यही सच्ची मानवता है।

 

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