Uncategorized

*हरदा में स्वास्थ्य से खिलवाड़: दसवीं पास चला रहे मेडिकल स्टोर, बिना पर्चे बिक रहीं हाई-पावर दवाएं*…. ……///////// *सरकारी आदेशों को ठेंगा: हरदा में बिना फार्मासिस्ट चल रहे मेडिकल स्टोरों की भरमार*……//////// *कागज़ों में नियम, ज़मीनी हकीकत अलग: हरदा में गैर-पंजीकृत हाथों में दवाइयों का कारोबार*………////// *फार्मेसी कानून की खुलेआम धज्जियां: हरदा में दसवीं पासों के भरोसे मेडिकल स्टोर*….///// *मरीजों की सेहत दांव पर: हरदा जिले में अवैध मेडिकल स्टोरों का जाल*……////… *बिना पर्चे, बिना फार्मासिस्ट: हरदा में हाई-पावर दवाओं की बेलगाम बिक्री*….. //////….. …. *तीन माह की सजा का डर भी बेअसर: हरदा में प्रशासन की आंखों धूल झोंक रहे मेडिकल माफिया*

हरदा जिले में धड़ल्ले से चला रहे हैं दसवीं पास मेडिकल स्टोर सरकारी आदेशों को दिखाया जा रहा ठेंगा, बिना पर्चे बिक रहीं हाई-पावर दवाएं

रिपोर्ट:यश पांडे

 

हरदा। जिले में कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर मेडिकल स्टोरों का संचालन किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोर दसवीं कक्षा पास व्यक्तियों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जहां बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति और बिना डॉक्टर के पर्चे के हाई-पावर दवाइयों की खुलेआम बिक्री की जा रही है। इससे मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है।

फार्मेसी अधिनियम, 1948 की धारा 42 के तहत केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही मेडिकल प्रैक्टिशनर के प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयों का वितरण कर सकता है। इसके बावजूद जिले में कई मेडिकल स्टोर इस प्रावधान का उल्लंघन करते पाए जा रहे हैं।

बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाना अपराध

भोपाल। मध्यप्रदेश में मेडिकल स्टोर पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर संचालित करने पर तीन माह तक की सजा, दो लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इस संबंध में फार्मेसी काउंसिल द्वारा सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

फार्मेसी काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के पत्र क्रमांक 19-1/2023-PCI दिनांक 25 अक्टूबर 2023 के अनुसार, Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act, 2023 के तहत फार्मेसी एक्ट में संशोधन किया गया है। इसके अंतर्गत गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा डिस्पेंसिंग करने पर तीन माह की सजा या दो लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान लागू किया गया है।

अत्यंत गंभीर मामलों में फार्मेसी काउंसिल को संबंधित फार्मासिस्ट का पंजीयन निरस्त करने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध मेडिकल स्टोरों पर तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!