*विदाई से पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कुछ ऐसा किया कि हर भारतीय को होगा गर्व* *कार से उतरते ही पुतिन ने न राष्ट्रपति से हाथ मिलाया और ना ही प्रधानमंत्री से* … *पहले किससे मिलाया हाथ वीडियो वायरल*…. … *(देखे वीडियो)* …. *पुतिन ने बढ़ाया भारतीय सेना का सम्मान* … *(देखे वीडियो)*…. … *पुतिन ने प्रोटोकॉल की वारवाह किए बिना राष्ट्रपति भवन के सैनिक से मिलाया हाथ*… .*जीता भारतीयों का दिल*





कार से उतरते ही पुतिन ने न राष्ट्रपति से हाथ मिलाया, न पीएम से… पहले किससे मिलाया हाथ? वीडियो वायरल
रिपोर्ट:यश पांडे

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान एक ऐसा क्षण कैमरे में कैद हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर भारी चर्चा छेड़ दी है। राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पुतिन ने अपनी कार से उतरते ही न तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हाथ मिलाया और न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से—बल्कि उन्होंने सबसे पहले एक अन्य भारतीय अधिकारी से हैंडशेक किया। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
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कौन है वह अधिकारी?
जिस व्यक्ति से पुतिन ने सबसे पहले हाथ मिलाया, वह हैं मेजर जनरल वुडेव परिड़ा, जो राष्ट्रपति भवन में मिलिट्री सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। वे विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत, समारोहों और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाओं के प्रभारी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं।
मेजर जनरल परिड़ा को ‘विशिष्ट सेवा पदक’ से भी सम्मानित किया जा चुका है और वे राष्ट्रपति भवन की औपचारिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैसे हुई यह घटना?
जैसे ही राष्ट्रपति पुतिन की कार राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में रुकी, वे मुस्कुराते हुए बाहर निकले। उन्होंने आगे मौजूद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर अभिवादन किया, लेकिन फिर अचानक उन्होंने बाईं ओर मुड़कर मेजर जनरल परिड़ा से हाथ मिलाया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक रूप से हैंडशेक किया।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग इस क्षण को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कुछ ने इसे “मानवीय और विनम्र व्यवहार” बताया—कि पुतिन ने पहले उस अधिकारी का सम्मान किया जो स्वागत तैयारी में खड़ा था।
वहीं कई लोगों ने इसे “प्रोटोकॉल से हटकर कदम” कहा, क्योंकि आमतौर पर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का पहला अभिवादन भारत के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से होता है।
गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत
इससे पहले पुतिन को तीनों सेनाओं — थल सेना, नौसेना और वायुसेना — की संयुक्त टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। औपचारिक स्वागत के बाद पुतिन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की और द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर शुरू हुआ।
दौरे को लेकर बड़ी उम्मीदें
पुतिन का यह दौरा भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा का मुख्य केंद्र रक्षा समझौते, परमाणु ऊर्जा सहयोग, व्यापार बढ़ोतरी और अन्य रणनीतिक साझेदारियाँ हैं।










