*संथारे की अनुमोदना देवी – देवता भी करते है*… *संथारा मतलब मृत्यु पर विजय प्राप्त कर महोत्सव के रूप में मानाना*





संथारे की अनुमोदना देवी – देवता भी करते है!
संथारा मतलब मृत्यु पर विजय प्राप्त कर महोत्सव के रूप में मानाना!
रिपोर्ट:यश पांडे



खिरकिया:- इंदौर समता भवन में गूंज उठा “आनंद घन स्वरूपा सिद्धा अरिहंता” शासन दीपक श्री आदित्य मुनिजी म.सा. ठाणा 4 एवं समता भवन में विराज रही शासन दीपिका साध्वी श्री कांता श्रीजी म.सा.ठाणा 19 के द्वारा प्रतिदिन संथारा साधिका श्री राममधु श्री जी के संथारे के अवसर पर आगम भक्ति का विराट एवं अदभुद आयोजन प्रवर्धमान है इसी अवसर पर दिनांक 22 दिसंबर को ॐ नमः शिवाय,,ॐ नमः शिवाय हर-हर बोले नमः शिवाय रूपी भावों के साथ मध्यप्रदेश शासन के शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने स्वभाव के अनुरूप ऊर्जावान भक्ति भाव वाले निराले अंदाज में भक्तों को भक्ति कीर्तन करवाया और संथारा साधिका श्री राम मधु श्रीजी म.सा.के दर्शन, वंदन,आगम रूपी भक्ति कीर्तन – आरती अनुमोदना का पुण्य कार्य कर अपने कर्मो की निर्जरा की पूज्य श्री आदित्य मुनि जी ने बताया कि संथारे को आत्महत्या कहने वाले सोचे कि संथारा खुशी खुशी ,और महोत्सव में, संघ परिवार के बीच में रह कर किया जाता हैं जबकि आत्महत्या बिल्कुल इसका विपरीत है!शायद ही कोई देव आत्महत्या की भावना या अनुमोदना करता है परंतु सभी देवी – देवता संथारे की अनुमोदना भी करते है और हमे भी ऐसा अवसर प्राप्त हो ऐसी भावना भाते है! इसमें,,आलोचना और निंदा अपने पापों की ,,ओ जीवा जो कोई मन से करता,जय बोलो उसकी,, ॐ जय जय,,साथ ही जैन समाज के युवा भाई डॉ. अक्षय कांतिलाल जी बम जिनका जन्मदिन है और इस पावन दिन की शुरुआत चारित्र आत्माओ के दर्शन वंदन,आगम भक्ति – कीर्तन अनुमोदना , मांगलिक, से की संत मंडल ने बताया कि पूर्वाचार्यों के मुखारबिंद से श्रवण किया है कि संथारे की अनुमोदना में की गई हर मनोकामना पूर्ण हो सकती हैं पर आपके भाव उच्च से उच्च हो
जो भी संथारा साधना महोत्सव की शरण में आ रहा है उसके जीवन में आगे शायद ही…कोई कुव्यसन आए।अरिहंत सिद्ध का शरणा शरणा साधु का, ओ जीवा,,जिनशासन का शरणा,भव भव में मिलता,,ॐ जय जय ऐसा दुर्लभ संथारा शायद ही इंदौर में कभी देखने,सुनने को मिला हो! तो आप और हम मिल कर इस महामहोत्सव में शामिल हो और जिनशासन की भव्यातिभव्य पताका लहराए और अपने कर्मों की निर्जरा करे

धर्म सभा में संचालन इंदौर साधुमार्गी संघ के मंत्री पिंकेश पगारिया ने किया आभार अध्यक्ष पारस बोहरा एवं संरक्षक रतनलाल खिंदावत चित्रेश मेहता ने माना तो चले आईए ऐसो अवसर मिलियो है…कही हम वंचित तो नहीं रह गया…अभी भी अवसर है… ऐसो दुर्लभ अवसर बार बार कोनी आवेला भाग्यशाली पुण्यशाली वीर परिवार राजेशजी काठेड परिवार जो अपना लगभग समय संथारा साधिका के समक्ष भक्ति भाव में एवं पधारे आगंतुकों – गुरुभक्तो के सेवा भावना में दे रहे हैं।साधुवाद पधारे अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का इंदौर संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा तिलक लगाकर,शाल ओढ़ाकर,साहित्य एवं जैन समता युवा संघ का वार्षिक पंचांग (कैलेंडर) भेट कर आत्मिक अभिनंदन किया गया। इंदौर श्री साधुमार्गी जैन समता संघ की देव,गुरु राम व अहिंसमय धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा – भक्ति बेजोड़ समर्पणा,चारित्र आत्माओं के प्रति अम्मा-पिया का कर्तव्य निर्वहन – बातसल्य भाव एवं स्वधर्मियों के प्रति आत्मीयता के साथ स्नेह भाव है!!से सराहनीय है,,हम सभी के प्रेरणीय व अनुकरणीय है।।
खिरकिया से धनसुख लाल अशोक भंडारी परिवार के सदस्यों ने भी लाभ लिया।
यह जानकारी राकेश जैन इंदौर आशीष समदड़िया खिरकिया ने सयुक्त रूप से प्रदान की।










