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*केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क संशोधन विधेयक-2025 लोकसभा में पारित* ….. *1944 के पुराने प्रावधानों में संशोधन के पक्ष में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने रखे अपने विचार*…… *(देखे वीडियो)*

केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क संशोधन विधेयक-2025 लोकसभा में पारित

 

1944 के पुराने प्रावधानों में संशोधन के पक्ष में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने रखे अपने विचार

रिपोर्ट:यश पांडे

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नई दिल्ली लोकसभा सदन में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय उत्पाद-शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा की गई। दौरान 1944 के पुराने प्रावधानों में संशोधन के पक्ष में होशंगाबाद नरसिंहपुर लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने अपने विचार सदन में रखते हुए कहा कि “नशा नाश का दूजा नाम, तन–मन–धन तीनों बेकाम।” नशे के उत्पाद जितने सस्ते होंगे, उतनी ही आसानी से हमारी युवा पीढ़ी तक पहुँचेंगे और समाज में बुराइयों को जन्म देंगे। इनका महंगा होना युवाओं को इससे दूर रखेगा और समाज को स्वस्थ दिशा देगा। इस संशोधन से सरकार को अधिक कर प्राप्त होगा, जिससे उचित विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार और मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण गति मिलेगी। 1944 का कानून आज के आधुनिक भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।
आज देश परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है और बदलाव की यह गाथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सतत लिख रही है। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि यह संशोधन न केवल समय की माँग है, बल्कि युवाओं, समाज और राष्ट्र तीनों के भविष्य को सुरक्षित करने का निर्णायक कदम भी है। इस विधेयक का उद्देश्य केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क अधिनियम, 1984 मे संशोधन कर सिगरेट, सिगार, हुक्का तम्बाकू, चबाने वाले तंबाकू, जर्दा और सुगंधित तम्बाकू जैसे तम्बाकू उत्पादों पर उत्‍पाद शुल्‍क और उपकर बढ़ाना है। इस संशोधन का उद्देश्य तंबाकू और तंबाकू उत्‍पादों पर केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क की दर बढ़ाना है ताकि उपकर समाप्त होने के बाद कुल कर प्रभाव सुरक्षित रखा जा सके। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कोई नया कानून नहीं है और न ही कोई अतिरिक्त कर है। उन्होंने कहा कि यह उपकर नहीं है बल्कि यह एक उत्‍पाद शुल्‍क है जो जीएसटी लागू होने से पहले लगा करता था। जिसके पश्चात लोकसभा में केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क संशोधन विधेयक-2025 पारित हो गया।

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