*हरदा में गरजा जनक्रांति न्याय आंदोलन, लाठीचार्ज के विरोध में नेहरू स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब*…. *(देखे वीडियो)* *करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन: राजपूत छात्रावास लाठीचार्ज के खिलाफ हरदा में जनसैलाब, मंच से गरजे जीवन सिंह शेरपुर* *लाठीचार्ज के विरोध में करणी सेना का सर्वसमाज के साथ हरदा नेहरू स्टेडियम में आंदोलन प्रशासन से मजिस्ट्रियल जांच की मांग*… *जीवन सिंह शेरपुर का ऐलान:लव मैरिज पर माता-पिता की सहमति का बने कानून* ….*(देखे वीडियो)*






हरदा में करणी सेना परिवार का जनक्रांति न्याय आंदोलन
लाठीचार्ज के विरोध में नेहरू स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब
अध्यक्ष की मांग– मजिस्ट्रियल जांच का लिखित आश्वासन दे प्रशासन
रिपोर्ट:यश पांडे
वीडियो क्रेडिट सोशल मीडिया
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करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने ही हिंदू समाज में के युवक युवतियों के लव मेरिज होने पर मां पिता की सहमति हो ऐसा कानून बनाया जाए जैसे गंभीर मुद्दों पर हुंकार भरी
हरदा।
करणी सेना परिवार द्वारा आयोजित जनक्रांति न्याय आंदोलन ने हरदा में विशाल रूप धारण कर लिया है। 12–13 जुलाई को हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में नेहरू स्टेडियम में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्टेडियम चारों ओर से खचाखच भरा नजर आया। आंदोलन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सर्व समाज के लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन को समर्थन दिया।
आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन ने नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति दी है। समाज की ओर से प्रशासन के समक्ष 21 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नेहरू स्टेडियम सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।


यहां से शुरू हुआ विवाद
इस जनआंदोलन की नींव एक हीरे की कथित धोखाधड़ी से पड़ी। राजपूत समाज के एक युवक ने एक व्यापारी से हीरे का सौदा किया था, लेकिन आरोप है कि व्यापारी ने असली हीरे के स्थान पर नकली हीरा थमा दिया। युवक द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो करणी सेना सक्रिय हुई।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया, जिसके दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर भी घायल हुए और उन्हें एक दिन के लिए जेल भेजा गया। इसके बाद से ही 21 दिसंबर को हरदा में बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई।
पहली बार हरदा में इतनी बड़ी भीड़
करणी सेना के इस आंदोलन में मध्यप्रदेश के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग पहुंचे हैं। आयोजकों का दावा है कि नेहरू स्टेडियम में करीब 50 हजार से अधिक लोग मौजूद हैं। हालात ऐसे रहे कि लोगों को बैठने तक की जगह नहीं मिल सकी। हरदा में यह पहला अवसर है जब किसी आंदोलन में इतनी बड़ी संख्या में जनसमूह एकत्रित हुआ हो।
करणी सेना प्रमुख भूख हड़ताल पर
करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर 21 सूत्रीय मांगों को लेकर 14 दिसंबर से भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठने वालों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने आंदोलन के लिए केवल एक दिन की अनुमति दी है, लेकिन शेरपुर ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
लाठीचार्ज की घटना से उपजा आक्रोश
12 और 13 जुलाई को थाने के घेराव के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज ने समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। इस घटना के बाद से ही करणी सेना और सर्व समाज में नाराजगी बनी हुई है, जो अब इस जनक्रांति न्याय आंदोलन के रूप में सामने आई है।
गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भी रखी बात
आंदोलन को संबोधित करते हुए करणी सेना अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने लव मैरिज से जुड़े मामलों में माता-पिता की सहमति को अनिवार्य करने हेतु कानून बनाए जाने जैसे गंभीर मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

सर्व ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिति ने करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत अभिनंदन किया
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जनक्रांति आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। शहर के सभी प्रवेश व निकास मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। एक दिन पहले तीन जिलों की पुलिस और 10 कंपनियों के साथ फ्लैग मार्च भी निकाला गया था।










