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*IAS पति–पत्नी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति सम्मान*… ..*(देखे वीडियो)* *मध्यप्रदेश के इतिहास में दुर्लभ उपलब्धि है, जब प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत IAS पति–पत्नी दोनों को एक ही मंच से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ* ……. *जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने पर खंडवा ओर खरगोन जिले के कलेक्टर को मिला राष्ट्रपति सम्मान*…




जल संचय, जन भागीदारी” में खण्डवा जिले को मिला प्रथम पुरस्कार

रिपोर्ट:यश पांडे

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राष्ट्रीय जल पुरस्कार के तहत खंडवा की कावेश्वर पंचायत को मिला द्वितीय पुरस्कार

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत की श्रेणी में खंडवा जिले की कावेश्वर पंचायत को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने खण्डवा के #कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को पुरस्कार प्रदान किया। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार के #जल_शक्ति_अभियान_कैच_द_रेन ज के तहत शुरू की गई “जल संचय, जन भागीदारी” पहल में खण्डवा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, इसके लिए खण्डवा जिले को 2 करोड़ रूपये का पुरस्कार मिला है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर में किए गए जल संरक्षण के उल्लेखनीय कार्यों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार के लिए कावेश्वर पंचायत का चयन किया गया है। इसके लिए 1.50 लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत द्वारा विगत वर्षाे में कावेरी नदी के उद्गम कुंड का जीर्णाेद्धार किया गया। साथ ही पंचायत के पहाड़ी क्षेत्र को वाटरशेड के मूल सिद्धांत “रिज टू वैली” के आधार पर विकसित किया गया। इसके तहत लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कंटूर, 55 गली प्लग, 35 पोखर तालाब, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हैंडपंप रिचार्ज, बोरवेल रिचार्ज, रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण किया गया।

 

*खरगोन कलेक्टर सुश्री मित्तल सर्वश्रेष्ठ जिले का 6वे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 से सम्मानित*
इंदौर 18 नवम्बर, 2025
इंदौर संभाग के खरगोन जिला कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल को जल संरक्षण कार्यों के लिए पश्चिम क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का 6वे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। जिले में 4.21 लाख जलसंरचनाएं निर्मित कर 2.31 करोड़ घनमीटर जल भंडारण क्षमता बढ़ाई गई है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में कलेक्टर सुश्री मित्तल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि खरगोन जिले में नदियों के संरक्षण और तटों के जीर्णोद्धार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। नर्मदा, नानी, वंशावली और बोराड़ नदियों के 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल के क्षरित लैंडस्केप को स्टॉप डैम, चेक डैम, खेत तालाब, लूस बोल्डर स्ट्रक्चर के माध्यम से संरक्षित किया गया। सहायक नदियां, जो पहले नवंबर या दिसंबर तक सूख जाती थीं, अब अप्रैल माह तक अविरल रहती हैं। कुंदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र के किनारे 627 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई 106 एकड़ भूमि में निधिवन स्थापित कर पर्यटन स्थल बनाया गया है। जिले में काउंटर ट्रेंच, चेक डैम, पर्कोलेशन टैंक, गली प्लग और गैबियन जैसे कुल 4,21,182 कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया गया जिससे भूजल स्तर में वृद्धि हुई है। जिले के सभी जल निकायों की मैपिंग कर राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि की गई है और 45 ऐतिहासिक बावड़ियों का जीर्णाेद्धार किया गया है। जिले में सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत 48,975 हेक्टेयर क्षेत्रफल आता है, जिसमें आंकलन वर्ष में कुल 3,290 हेक्टेयर नया क्षेत्रफल जोड़ा गया है; 37,042 कृषकों को इसका लाभ मिल रहा है। जिले में 156 नए अमृत सरोवर सहित 2,31,75,828 घनमीटर की जल भंडारण क्षमता बनाई है। ग्रामीण विकास विभाग की वाटरशेड विकास- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 एवं मनरेगा से उपरोक्त कार्यों का क्रियान्वयन प्रमुखता से किया गया है।
जिले में अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण के लिए 15 इकाइयां, 4 मलजल उपचार संयंत्र, 94 अपशिष्ट स्थिरीकरण कुंड संचालित हैं। 5400 हेक्टेयर में 30 लाख वृक्षों का पौधारोपण किया गया है जिनमें से 95 प्रतिशत वृक्ष जीवित हैं। मनरेगा योजनांतर्गत 3,80,000 पौधे और निजी फलोद्यान में 2,66,412 अमरूद के पौधे लगाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि हुई है। जल संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में 2,277 सफाई अभियान, 605 क्षमता निर्माण कार्यशाला, 200 ग्राम पंचायतों में कलश यात्रा का आयोजन, 147 जल चौपाल का आयोजन कर नागरिकों और शासकीय सेवकों का जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है।





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