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*गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा खिरकिया में मनाया गया गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस* …. *(देखे वीडियो)*




गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा खिरकिया में मनाया गया गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस

रिपोर्ट:यश पांडे

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सिख पंथ के नवमे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, खिरकिया में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए गए। धर्म एवं राष्ट्र की रक्षा हेतु गुरु जी द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए संगत ने उन्हें नमन किया।

इतिहास के अनुसार, आज से 350 वर्ष पूर्व मुगल शासक औरंगज़ेब द्वारा इस्लाम स्वीकार न करने पर गुरु तेग बहादुर साहिब जी का शीश धड़ से अलग करवा दिया गया था। उन्होंने अपने प्राणों का त्याग कर हिंदू धर्म, तिलक और जनेऊ की रक्षा की, इसलिए उन्हें “हिंद की चादर के रूप में सम्मानित किया जाता है।

प्रभात फेरी निकाली गई

शहीदी दिवस के निमित्त 25 नवंबर को सुबह 6:30 बजे गुरुद्वारा परिसर से प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें नगर के सभी समुदायों के लोगों ने शामिल होकर शबद-कीर्तन के माध्यम से गुरु जी की शहीदी को प्रणाम किया। प्रभात फेरी नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई दाना बाबा मंदिर से वापस गुरुद्वारा पहुंचकर सम्पन्न हुई।

सहज पाठ साहिब जी एवं कीर्तन-दीवान

कार्यक्रम के तहत रखे गए 7 श्री सहज पाठ साहिब जी की पूर्णता हुई। इसके पश्चात ज्ञानी मोहकम सिंह जी ने कीर्तन-दीवान सजाकर संगत को आत्मिक संदेश दिए।

गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष ने किया संबोधन

गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार हरभजन सिंह भाटिया ने गुरु तेग बहादुर जी भाई सतीदास जी, भाई मतिदास जी और भाई दयाला जी द्वारा धर्म की रक्षा के लिए दिए गए अमर बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा
“हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने जिस साहस से धर्म और मानवता की रक्षा की, इसे भारतवर्ष कभी नहीं भूल सकता। उनके शहीदी दिवस पर सर झुकता नहीं, बल्कि गर्व से और ऊँचा हो जाता है।





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