*खिरकिया पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष को शीघ्र गिरफ्तार करे पुलिस:भाजपा*


*खिरकिया।* खिरकिया नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यशोदा दुर्गादास पाटिल को गिरफ्तार करने की मांग भाजपा ने की है। दरअसल वर्ष 2021 में यशोदा दुर्गादास पाटिल पर खिरकिया के छीपाबड़ थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा दर्ज हुई थीं। इस मामले में यशोदा पाटिल ने जबलपुर हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए केस को चुनौती देते हुए एफआईआर निरस्त करने की याचिका दायर कर रखी थीं। मामले की सुनवाई में कुछ माह पहले हाईकोर्ट जबलपुर ने यशोदा पाटिल की एफआईआर निरस्त करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया। इसी के चलते अब भाजपा ने हरदा से कांग्रेस विधायक आरके दोगने के सबसे करीबी, मंडी में विधायक प्रतिनिधि दुर्गादास पाटिल की धर्मपत्नी, कांग्रेस नेत्री तथा पूर्व नप अध्यक्ष यशोदा पाटिल की घेराबंदी कर दी है। भाजपा के पूर्व मंडल मीडिया प्रभारी आशुतोष पाराशर ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुधीर सोनी, खिरकिया भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय यादव, नगर परिषद के उपाध्यक्ष विजयंत गौर, भाजपा पार्षद नितिन गुप्ता, नेहा रविन्द्र दुआ, सोनम पीयूष सोनी, लक्ष्मी संजय यादव, रमा सत्यनारायण गौर, फूलवती उईके, संगीता अभिषेक पांडे, पुष्पा अनिल जैन, राजेश मालाकार एवं सुरेन्द्र आठनेरे ने हरदा एसपी शशांक एवं खिरकिया के एसडीओपी रॉबर्ट गिरवाल ने भ्रष्टाचार मामले में आरोपी यशोदा दुर्गादास पाटिल को शीघ्र ही गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में खिरकिया में कांग्रेस समर्थित नगर परिषद काबिज थीं। इस परिषद की अध्यक्ष रहते पौधों की खरीदी करने के मामले में गड़बड़ी करने के चलते जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी की रिपोर्ट पर 10 मार्च 2021 को छीपाबड़ पुलिस ने कांग्रेस नेत्री एवं नप की पूर्व अध्यक्ष यशोदा दुर्गादास पाटिल सहित तत्कालीन सीएमओ एवं एक लिपिक के विरूद्ध आईपीसी की धारा 420, 409 एवं भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि पौधों की खरीदी मामले की हुई शिकायत की जांच के बाद इस एफआईआर के कुछ माह पहले पूर्व नप अध्यक्ष यशोदा पाटिल पर हरदा के तत्कालीन एडीएम जेपी सैयाम द्वारा 1 लाख 35 हजार 350 रूपए का जुर्माना वसूल करने के आदेश भी जारी किए थे। परंतु तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। मामले में नए सिरे से शिकायत होने पर फिर वर्ष 2020 में तत्कालीन हरदा कलेक्टर ने एक जांच दल गठन किया। इस जांच दल ने पौधों की खरीदी में पूर्व नप अध्यक्ष, सीएमओ और एक लिपिक को हरदा के तत्कालीन एडीएम ने 23 फरवरी को दोषी करार दिया। साथ ही एडीएम ने परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण हरदा को मामले में एफआईआर कराने के निर्देश दिए। इसके बाद तत्कालीन जिला शहरी विकास अभिकरण हरदा के परियोजना अधिकारी ज्ञानेन्द्र पिता रामलखन यादव ने छीपाबड़ थाने में आवेदन देकर पौधों की खरीदी में हुई अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायत जांच एवं एडीएम हरदा की नस्ती प्रस्तुत की। इस आधार पर छीपाबड़ पुलिस ने मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत मप्र नगर पालिका मेयर इन काउंसिल/प्रेसीडेंट इन काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियों एवं कर्तव्य नियम 1998 के नियम 5 (5) सात एवं ग्यारह (क) सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थीं। भाजपा संगठन एवं पार्षदों ने कहा है कि पुलिस द्वारा पौधों की खरीदी में भ्रष्टाचार की आरोपी कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व नप अध्यक्ष यशोदा दुर्गादास पाटिल को शीघ्र गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यदि पुलिस यशोदा पाटिल को गिरफ्तार नहीं करती है तो इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रदेश के डीजीपी को शिकायत की जाएगी। इस मामले में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल द्वारा खिरकिया के एसडीओपी रॉबर्ट गिरवाल से चर्चा करने पर उन्होंने कहा हैं कि यशोदा दुर्गादास पाटिल एवं अन्य पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत छीपाबड़ थाने में केस दर्ज हैं। इनके द्वारा एफआईआर निरस्त करने की याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थीं। किंतु मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जबलपुर ने यशोदा पाटिल की एफआईआर निरस्त करने की याचिका को खारिज कर दिया। भ्रष्टाचार अधिनियम से संबंधित मामला होने के चलते यशोदा पाटिल सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




